माता-पिता का साया छिना, जिम्मेदारियों ने थामा हाथ

अनुकंपा नियुक्ति से हिमांशी को मिला सहारा, अब छोटे भाई के भविष्य को संवारने का संकल्प

धमतरी। माता-पिता को असमय खोने के बाद छोटे भाई युवराज की जिम्मेदारी संभाल रही कु. हिमांशी देवी के जीवन में अब नई उम्मीद आई है। अनुकंपा नियुक्ति के माध्यम से उन्हें शासकीय सेवा में प्रवेश का अवसर मिला है। यह नियुक्ति उनके लिए आत्मनिर्भरता के साथ परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की नई शुरुआत है।सीईओ जिला पंचायत जयंत नाहटा ने हिमांशी को पंचायत सचिव (कर्मी) के पद का नियुक्ति पत्र सौंपा और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।जिला पंचायत के आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत उमरगांव,विकासखंड नगरी निवासी हिमांशी को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। उनकी प्रारंभिक पदस्थापना जनपद पंचायत नगरी में की गई है, जहां उन्हें दो माह का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद रिक्त ग्राम पंचायत में पदस्थापना होगी। नियुक्ति दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए है।

नियुक्ति पत्र बना नई उम्मीद का दस्तावेज,भाई के भविष्य को संवारने का संकल्प

हिमांशी के पिता स्वर्गीय भानुप्रताप ध्रुव शासकीय सेवा में कार्यरत थे, जिनका बीमारी के बाद निधन हो गया। इससे पहले वह अपनी मां स्वर्गीय रयमोतिन बाई को भी खो चुकी थीं। माता-पिता के निधन के बाद हिमांशी ने छोटे भाई की जिम्मेदारी संभाली।अब शासकीय सेवा के माध्यम से हिमांशी आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने भाई युवराज के भविष्य को संवारने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हैं। उनकी यह नई शुरुआत संघर्ष के बीच उम्मीद और आत्मनिर्भरता की मिसाल है।इस अवसर पर जिला पंचायत के लेखाधिकारी चंदन टंडन, उपसंचालक पंचायत पद्मनी वर्मा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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