
‘हमर गांव हमर शाला’ के तहत एनआरएलएम कैडर को जोड़ा जाएगा, सीखने के स्तर और उपस्थिति में सुधार पर जोर
धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले की प्राथमिक शालाओं में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को मजबूत करने के लिए ‘हमर गांव हमर शाला’ अभियान के अंतर्गत सामुदायिक शैक्षणिक सहयोगी व्यवस्था लागू करने की पहल की जा रही है। इसके तहत अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता की जरूरत वाले विद्यालयों को चिन्हांकित कर एनआरएलएम के चयनित कैडर सदस्यों को सामुदायिक शैक्षणिक सहयोगी के रूप में जोड़ा जाएगा।यह पहल प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार प्रस्ताव के तहत की जा रही है। चयनित सहयोगियों को प्रशिक्षण देकर शिक्षकों के समन्वय से बच्चों की पढ़ने, लिखने, समझने और बुनियादी गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने के लिए गतिविधियां कराई जाएंगी। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और कक्षा में सहभागिता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्थानीय समुदाय की होगी भागीदारी
सीईओ जिला पंचायत जयंत नाहटा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य विद्यालयों को समुदाय से जोड़कर बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। इस व्यवस्था में ग्राम पंचायत, शाला विकास एवं प्रबंधन समिति, शिक्षक, एनआरएलएम कैडर और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय से कार्य किया जाएगा।
शिक्षकों के साथ समन्वय से मिलेगा सहयोग
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से चयनित एनआरएलएम कैडर सदस्यों को बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन, भाषा एवं गणितीय दक्षता तथा कक्षा आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा,इसके बाद वे संबंधित शालाओं में शिक्षकों के साथ समन्वय कर जरूरतमंद विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग देंगे।यह व्यवस्था अस्थायी एवं गैर-नियमित स्वरूप की होगी। इसका उद्देश्य नियमित शिक्षकों का विकल्प बनना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराना है। ‘हमर गांव हमर शाला’ के माध्यम से विद्यालय और समुदाय की सहभागिता बढ़ाकर बच्चों की शैक्षणिक बुनियाद मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
