
महिला समूह ने 2.50 एकड़ में खस की खेती कर पहली फसल से कमाए 1.12 लाख रुपये
धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम पंचायत परखंदा में ‘धान के कटोरा उत्पादक समिति’ स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने औषधीय एवं सुगंधित फसल खस की खेती से आय का नया जरिया तैयार किया है। समूह ने 2.50 एकड़ में खस की खेती कर 11.20 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया और पहली फसल से 1.12 लाख रुपये की आय अर्जित की।
पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनाया नया प्रयोग
समूह की महिलाओं ने पारंपरिक फसलों के साथ औषधीय एवं सुगंधित फसलों को अपनाने का निर्णय लिया। खस की खेती उनके लिए नया अनुभव था, लेकिन सामूहिक श्रम, नियमित देखभाल और बेहतर फसल प्रबंधन से उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले।पहली फसल से मिली आय ने महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब समूह कृषि में विविधीकरण के माध्यम से उपलब्ध भूमि और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
खेती के साथ पर्यावरण संरक्षण
ग्राम पंचायत परखंदा में योजनांतर्गत 6 एकड़ क्षेत्र में मिश्रित वृक्षारोपण भी किया गया है। इससे हरित क्षेत्र और जैव विविधता को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। औषधीय खेती और वृक्षारोपण की संयुक्त पहल आजीविका संवर्धन के साथ पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बन रही है।खस की पहली फसल से मिले उत्साहजनक परिणाम के बाद समूह की महिलाओं ने हल्दी की खेती भी शुरू की है। फसल विविधीकरण से आय के नए विकल्प विकसित होने के साथ एक ही फसल पर निर्भरता कम करने की संभावना बढ़ी है।परखंदा की महिलाओं की यह पहल बताती है कि सामूहिक प्रयास, नई सोच और कृषि विविधीकरण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं अपनी आजीविका को मजबूत कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

