
बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों की रोकथाम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण मुक्ति पर विशेष फोकस
धमतरी। कलेक्टर की अध्यक्षता में सोमवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, कुपोषण मुक्ति सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई,तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के प्रत्येक नागरिक तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की सतत निगरानी की जाए।कलेक्टर ने वर्तमान बारिश के मौसम को देखते हुए मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, जांच सुविधाओं तथा उपचार व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने कहा। साथ ही ग्रामीण एवं मैदानी क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमले को सक्रिय रखते हुए बुखार, डायरिया, सर्दी-खांसी सहित अन्य मौसमी बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए,तथा लोगों को स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और बीमारी से बचाव के संबंध में जागरूक करने पर भी जोर दिया।बैठक में बताया गया कि मगरलोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन को देखते हुए नए भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है,जिसके लिए कलेक्टर नए भवन के लिए वर्तमान स्थान की अपेक्षा अधिक बड़ा एवं उपयुक्त स्थल चिन्हांकित करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल का सुनियोजित विकास किया जा सके और क्षेत्रवासियों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।वहीं बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने उनकी नियमित जांच एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ऐसी गर्भवती माताओं के लिए सोनोग्राफी की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।इसी क्रम में 25 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी में विशेष निःशुल्क जांच एवं सोनोग्राफी शिविर आयोजित किया जाएगा।साथ ही कुपोषित बच्चों को NRC तक पहुंचाने में विभागीय समन्वय पर जोर दिया गया।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बच्चों में हृदय रोग, आंख, कान एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान पर विशेष जोर दिया।कहा कि चिन्हित बच्चों को आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए संबंधित अस्पतालों से समन्वय कर त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा उपचार की प्रगति की भी नियमित निगरानी की जाए।वहीं ग्राम अकला डोंगरी में प्रस्तावित उप स्वास्थ्य केंद्र के शुभारंभ से पूर्व कलेक्टर स्वयं स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे,संबंधित अधिकारियों को भवन, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, आवश्यक उपकरण एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


