

कलेक्टर ने समाजसेवी मोहन साहू के प्रयासों की सराहना की, मंदरौद को “गौरैया गांव” के रूप में विकसित करने पर हुई चर्चा
15 हजार से अधिक पक्षियों के लिए बनाए गए कृत्रिम आशियाने, पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर दिया गया जोर
धमतरी। ग्राम मंदरौद में गौरैया एवं अन्य पक्षियों के संरक्षण के लिए वर्षों से सतत कार्य कर रहे समाजसेवी मोहन साहू ने गांव प्रवास के दौरान सौजन्य मुलाकात कर अपने अभियान की जानकारी दी,जिस पर कलेक्टर ने उनके अभिनव एवं जनसहभागिता आधारित प्रयासों की सराहना करते हुए इसे जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की दिशा में अनुकरणीय पहल बताया।साहू ने बताया कि अब तक 15 हजार से अधिक गौरैया एवं अन्य पक्षियों के लिए कृत्रिम आशियाने तैयार किया है, जिसमें बड़ी संख्या में गौरैया सहित अन्य पक्षियों ने अपना बसेरा बनाया है, जिससे पक्षियों की संख्या में वृद्धि और उनके संरक्षण को नई दिशा मिली है। इस दौरान साहू ने ग्राम मंदरौद को “गौरैया गांव” के रूप में विकसित करने तथा गांव के प्रमुख चौक को “गौरैया चौक” के रूप में पहचान दिलाने का प्रस्ताव भी कलेक्टर के समक्ष रखा।कहा कि इससे गौरैया संरक्षण का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचेगा,जिस पर कलेक्टर ने कहा कि बदलती जीवनशैली और शहरीकरण के कारण गौरैया जैसी छोटी पक्षी प्रजातियों का प्राकृतिक आवास लगातार प्रभावित हो रहा है,ऐसे समय में समाज की सहभागिता से किए जा रहे संरक्षण के प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं,पर्यावरण संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है और इस दिशा में मोहन साहू का योगदान पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है,ऐसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं,साथ ही गांव के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च योगदान देने वाले वीर जवानों के चित्र एवं प्रेरक संदेश भी प्रदर्शित किए जाएं, ताकि बच्चों और युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक नागरिक मूल्यों का भी विकास हो सके।


