

मिनी स्टेडियमों में सुविधाओं, प्रशिक्षण और विकास कार्यों की कलेक्टर ने की समीक्षा
धमतरी। जिले में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने तथा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर ने मंदरौद, परखंदा और कुरूद स्थित मिनी स्टेडियमों एवं खेल मैदानों का निरीक्षण किया,अवलोकन करते हुए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों से बातचीत किया तथा खेल मैदानों की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकताओं की विस्तार से जानकारी ली।कलेक्टर ने सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं तथा क्रिकेट, कबड्डी और वॉलीबॉल का नियमित अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों से मुलाकात की तथा खिलाड़ियों से प्रशिक्षण व्यवस्था, खेल संसाधनों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए,लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर निरंतर अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया। ग्राम के जनप्रतिनिधियों ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे एवं युवा मैदान में अभ्यास करने पहुंचते हैं, जहां व्यायाम शिक्षक एवं सेवानिवृत्त सैनिकों द्वारा नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है,खिलाड़ियों के उत्साह, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कलेक्टर ने गांव में पुस्तकालय स्थापित करने तथा गौण खनिज से प्राप्त राशि का उपयोग खेल सुविधाओं के विस्तार एवं अन्य जनहितकारी विकास कार्यों में करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए वहीं परखंदा हाई स्कूल परिसर में विकसित खेल मैदान का निरीक्षण किया एवं ग्रामीणों के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया,इस दौरान छात्र टिकेंद्र कुमार साहू ने कलेक्टर को अपनी बनाई हुई आकर्षक चित्रकला भेंट की, जिसकी कलेक्टर ने सराहना करते हुए उसकी रचनात्मक प्रतिभा की प्रशंसा की।कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की है।अंतिम चरण में कलेक्टर ने कुरूद स्थित अटल बिहारी वाजपेयी मिनी स्टेडियम का निरीक्षण किया,परिसर में निर्माणाधीन बॉक्स क्रिकेट मैदान का अवलोकन करते हुए कार्य की गुणवत्ता, प्रगति एवं समय-सीमा की समीक्षा की,साथ ही स्टेडियम में संचालित विभिन्न खेल गतिविधियों, खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं रखरखाव व्यवस्था का जायजा लेकर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए, कहा कि खेल मैदान केवल प्रतियोगिताओं के आयोजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने के सशक्त केंद्र हैं।अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी खेल मैदानों एवं मिनी स्टेडियमों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, उपलब्ध खेल अधोसंरचना का अधिकतम उपयोग हो तथा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री एवं आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, जिससे वे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।


