
गंगरेल से 2.51 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा; महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट, जिला प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील
धमतरी। जिले में लगातार हो रही बारिश और बांधों में पानी की बढ़ती आवक के बीच जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।बांधों में पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए जलस्तर नियंत्रित करने के लिए विभिन्न जलाशयों से पानी छोड़ा जा रहा है। गंगरेल जलाशय से वर्तमान में 2.51 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से 4,000 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज से नहर में तथा करीब 2.47 लाख क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर पानी छोड़ने की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।
चारों प्रमुख जलाशयों से पानी की निकासी
शाम 6 बजे की स्थिति के अनुसार
- गंगरेल जलाशय: 96.54 प्रतिशत जलभराव, आवक 1,77,006 क्यूसेक; 2,51,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
- मुरुमसिल्ली जलाशय: 99.10 प्रतिशत जलभराव, आवक 15,207 क्यूसेक; 11,472 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
- दुधावा जलाशय: 100 प्रतिशत जलभराव, आवक 44,595 क्यूसेक; 25,492 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
- सोढ़ुर जलाशय: 87.74 प्रतिशत जलभराव, आवक 28,726 क्यूसेक; 27,024 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
महानदी किनारे गांवों में अलर्ट
बांधों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की स्थिति बनने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने ग्रामीणों और आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।जिला प्रशासन ने लोगों से कहा है कि नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप जाने से बचें तथा अनावश्यक रूप से नदी-नालों को पार न करें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोग प्रशासन द्वारा चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर चले जाएं और सुरक्षित रहें तथा वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

