छात्राओं ने खोजीं रोजमर्रा की समस्याएं, तैयार किए नवाचार के आइडिया

सेवा फर्स्ट नेशनल इनोवेशन चैलेंज के तहत धमतरी के कन्या महाविद्यालय में कार्यक्रम, 150 छात्राओं ने लिया हिस्सा

धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा फर्स्ट नेशनल इनोवेशन चैलेंज’ एवं धमतरी जिला शिक्षा, उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास कार्यक्रम के तहत एनआरएम शासकीय कन्या महाविद्यालय में नवाचार और उद्यमिता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 150 छात्राओं ने हिस्सा लिया,जहां छात्राओं को केवल स्टार्टअप की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें अपने आसपास की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए नवाचारी विचार विकसित करने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

स्टार्टअप से लेकर छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति तक मिली जानकारी

कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, धमतरी के प्रबंधक प्रशांत चंद्राकर ने छात्राओं को स्टार्टअप की अवधारणा, उसकी कार्यप्रणाली और छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।कहा कि किसी भी नवाचार की शुरुआत आसपास मौजूद समस्या को पहचानने से होती है। छात्राओं को स्थानीय जरूरतों और दैनिक जीवन की चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया गया।उन्होंने ‘सेवा फर्स्ट नेशनल इनोवेशन चैलेंज’ में भाग लेने की प्रक्रिया और प्रतियोगिता के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए छात्राओं से अपने नए एवं उपयोगी विचार साझा करने का आह्वान किया।

‘युवा धमतरी पोर्टल’ से प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों की जानकारी

कार्यक्रम में सीजीएस नेटवर्क के उमेश महिलानी ने ‘युवा धमतरी पोर्टल’ की जानकारी दी,बताया कि युवा पोर्टल पर पंजीयन कर अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, रोजगार एवं कौशल विकास से जुड़े अवसरों से जुड़ सकते हैं।छात्राओं को उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्राप्त करने और अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पोर्टल का उपयोग करने के बारे में बताया।

छात्राओं ने किया समस्या पहचान का प्रैक्टिकल

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘प्रॉब्लम आइडेंटिफिकेशन’ हैंड्स-ऑन एक्सरसाइज रहा।उमेश महिलानी एवं स्टार्टअप मेंटर संजय पटेल ने छात्राओं को गतिविधि के माध्यम से समझाया कि किसी समस्या को कैसे पहचाना जाए, उसके मूल कारणों को कैसे समझा जाए और उसके संभावित समाधान किस तरह विकसित किए जा सकते हैं।व्यावहारिक अभ्यास के दौरान छात्राओं ने अपने दैनिक जीवन और आसपास की समस्याओं को चिन्हित किया तथा उनके संभावित नवाचारी समाधानों पर चर्चा की। इससे छात्राओं को रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला।कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनिता राजपुरिया सहित प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।

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