धमतरी में नारियल से किसानों की दीर्घकालीन आय की संभावनाएं

सेवा संकल्प अभियान के तहत 202 किसान लगाएंगे 4,126 नारियल पौधे

धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में नारियल रोपण को कृषि विविधीकरण और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के संभावित स्रोत से जोड़ने की पहल की जा रही है। जिले के विभिन्न विकासखंडों के 202 किसानों ने 4,126 नारियल पौधे लगाने के लिए सहमति दी है। किसानों की मांग के आधार पर नारियल बोर्ड, कोण्डागांव से पौध प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 23 सितंबर को संबंधित मैदानी अधिकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत पौध प्राप्त करेंगे, जिसके बाद स्वीकृत संख्या के अनुसार किसानों को पौध वितरित किए जाएंगे।

महानदी जागरूकता अभियान से मिली पहल को गति

जिले में नारियल रोपण की पहल को पिछले वर्ष संचालित महानदी जागरूकता अभियान (MAA) से भी गति मिली,अभियान के तहत फरसियां से गणेशघाट तक करीब 14 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग 4,000 नारियल पौधों का रोपण किया गया था,इस अभियान की शुरुआत कलेक्टर ने पौधरोपण कर की थी।इसमें जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भी सहभागिता रही।

फसल विविधीकरण के साथ अतिरिक्त आय की संभावना

नगरी क्षेत्र में नारियल रोपण की संभावनाओं को देखते हुए किसानों को खेतों की मेड़, बागवानी क्षेत्र और अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। नारियल बहुवर्षीय फसल है। उचित देखभाल और अनुकूल परिस्थितियों में इसके पौधे आगे चलकर उत्पादन देने लग सकते हैं,इससे किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त और दीर्घकालीन आय का एक संभावित विकल्प मिल सकता है।नारियल के फल, पानी, तेल और रेशे सहित विभिन्न उत्पादों के उपयोग को देखते हुए भविष्य में स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन गतिविधियों की संभावनाएं भी विकसित हो सकती हैं,जिससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बनने की संभावना रहेगी।

सेमरा में विकसित होगी नारियल नर्सरी

नारियल रोपण के विस्तार को ध्यान में रखते हुए ग्राम सेमरा में नारियल नर्सरी विकसित की जा रही है। इससे आने वाले वर्षों में जिले में गुणवत्तापूर्ण पौधों की स्थानीय उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को पौधरोपण, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, पौध संरक्षण और प्रारंभिक देखभाल के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।धमतरी में नारियल रोपण की यह पहल पर्यावरण संरक्षण, कृषि विविधीकरण और ग्रामीण आजीविका को एक साथ जोड़ने का प्रयास है।

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