स्थानीय प्रशिक्षित कैडर से विद्यार्थियों को मिलेगा अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग

धमतरी। जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशिक्षित मानव संसाधन को स्कूल शिक्षा से जोड़ने की पहल की जा रही है। प्रस्तावित ‘सामुदायिक शैक्षणिक सहयोग कार्यक्रम’ की समीक्षा जिला पंचायत सीईओ ने की।कार्यक्रम का उद्देश्य नियमित शिक्षकों का विकल्प तैयार करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की बुनियादी पढ़ने-लिखने, समझने और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करना है। विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकता, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, शिक्षक उपलब्धता, रिक्त पद, विद्यार्थी संख्या और विषयवार आवश्यकता के आधार पर प्राथमिकता वाले विद्यालयों का चयन किया जाएगा।कार्यक्रम के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रशिक्षित मानव संसाधन का चयन किया जाएगा। प्राथमिक स्तर पर न्यूनतम 12वीं तथा माध्यमिक स्तर पर स्नातक योग्यता प्रस्तावित है। स्थानीय भाषा का ज्ञान, बच्चों के साथ कार्य करने का अनुभव, संबंधित विषय में दक्षता और शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, विषयगत दक्षता, स्थानीय परिस्थितियों की समझ और बाल सुरक्षा संबंधी संवेदनशीलता का आकलन किया जाएगा।चयनित सामुदायिक सहयोगी कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण, पठन-पाठन, स्थानीय भाषा आधारित गतिविधियों तथा खेल-कला से जुड़ी शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग देंगे। उनकी भूमिका विद्यालय की आवश्यकता और निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप होगी तथा वे संबंधित शिक्षकों के समन्वय से कार्य करेंगे।

बाल सुरक्षा, पारदर्शी चयन और शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष निगरानी

प्रथम चरण में चयनित विद्यालयों में कार्यक्रम को प्रायोगिक रूप से लागू किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय के लिए प्रारंभिक अधिगम स्तर का आकलन कर लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। सामुदायिक सहयोगियों की उपस्थिति, गतिविधियों की नियमितता, विद्यार्थियों की सहभागिता और मासिक अधिगम प्रगति की निगरानी विद्यालय स्तर पर की जाएगी। संबंधित शिक्षक और प्रधानाध्यापक नियमित रिपोर्ट तैयार करेंगे, जबकि संकुल एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी स्थल निरीक्षण और अभिलेखों की समीक्षा करेंगे। जिला स्तर पर प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर कार्यक्रम की गुणवत्ता, प्रभावशीलता और विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों का त्रैमासिक मूल्यांकन किया जाएगा। आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।यह पहल नियमित शिक्षक भर्ती या पदस्थापना का विकल्प नहीं होगी तथा सामुदायिक सहयोगी के रूप में कार्य करने से नियमित शासकीय सेवा का कोई अधिकार प्राप्त नहीं होगा।

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