
आदिवासी आश्रम, उपस्वास्थ्य केंद्र और एकलव्य विद्यालय का किया निरीक्षण
धमतरी। शिक्षा में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने तक, जिला पंचायत सीईओ ने नगरी विकासखंड में व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। सलोनी और पथर्रीडीह की संस्थाओं के निरीक्षण के दौरान कमियों को दूर करने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।सलोनी के आदिवासी कन्या आश्रम में पढ़ाई, भोजन, आवास और स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी लेते हुए सीईओ ने शिक्षकों से कहा कि बदलते दौर में एआई और आधुनिक तकनीक को पढ़ाई का हिस्सा बनाया जाए, ताकि कठिन विषयों को बच्चों के लिए सरल और रोचक बनाया जा सके।वहीं शिक्षक-पालक बैठक व सामुदायिक गतिविधियों के लिए शेड की मांग पर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।उपस्वास्थ्य केंद्र सलोनी में सुविधाओं और दवाइयों की उपलब्धता का जायजा लेते हुए प्रसव कक्ष और शौचालय में मरम्मत की जरूरत को गंभीरता से लिया। उन्होंने तकनीकी परीक्षण कर मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी न हो।
वहीं एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह में विद्यार्थियों के लिए ओपन जिम, 15 से 20 कम्प्यूटर और तीरंदाजी के प्रशिक्षित कोच की मांग सामने आई,जिस पर सीईओ ने इन आवश्यकताओं पर प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों का विकास केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए। खेल, व्यायाम, तकनीकी दक्षता और रचनात्मक गतिविधियां भी शिक्षा का अहम हिस्सा हैं।अतः नाहटा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संस्थाओं से सामने आई जरूरतों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर व्यवहारिक और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

