
सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना तैयार करने में ग्रामसभाओं को मिलेगा तकनीकी सहयोग
धमतरी। वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन योजना के विकास के लिए जिला में तकनीकी सहयोगी संस्थाओं, सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशन (CSO) एवं स्थानीय संस्थाओं से 10 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।जारी सूचना के अनुसार भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चयनित संस्थाएं ग्रामसभाओं को सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना तैयार करने तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगी। इसके लिए भारत सरकार द्वारा आवश्यक वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है।चयनित तकनीकी सहयोगी संस्थाओं को ग्रामसभाओं का क्षमता विकास, वन भूमि का सर्वेक्षण, प्राकृतिक संसाधनों एवं लघु वनोपज की मैपिंग, जैव विविधता का दस्तावेजीकरण तथा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति (CFRMC) को तकनीकी हैंडहोल्डिंग उपलब्ध कराने का दायित्व निभाना होगा तथा संचालन में भी सहयोग प्रदान करना होगा,जिले में प्रथम चरण में 10 ग्रामसभाओं की स्वीकृति प्राप्त हुई है। ग्रामों का चयन प्राथमिकता के आधार पर क्लस्टर (Contiguous) स्वरूप में किया जाएगा,तकनीकी सहयोगी संस्था के चयन के लिए निर्धारित अनिवार्य मापदण्डों के अनुसार संस्था का विधिवत पंजीकृत होना, गत वर्ष तक का वित्तीय ऑडिट पूर्ण होना, नीति आयोग के दर्पण पोर्टल में पंजीयन, वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन में कम से कम तीन वर्षों का अनुभव तथा संबंधित ग्रामसभा का लिखित अनुमोदन आवश्यक होगा। यदि किसी ग्रामसभा के लिए एक से अधिक संस्थाओं के आवेदन प्राप्त होते हैं, तो उनकी विषय विशेषज्ञता, अनुभव एवं कार्यकुशलता के आधार पर चयन किया जाएगा,प्राप्त आवेदनों की पात्रता एवं क्षमता का परीक्षण जिला स्तरीय निगरानी समिति (DLMC) द्वारा किया जाएगा,इसके लिए आवेदन 10 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे, जबकि पात्रता परीक्षण की प्रक्रिया 13 अगस्त तक पूर्ण की जाएगी।वहीं अंतिम चयन 17 अगस्त को किया जाएगा,इच्छुक एवं पात्र संस्थाएं निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप आवेदन कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास), जिला में स्वयं उपस्थित होकर अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रस्तुत कर सकती हैं।


