
सेवा संकल्प अभियान के तहत कृषि महाविद्यालय कुरूद में प्रेरणादायी व्याख्यान
धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद में ‘गांव के सपनों से वैश्विक नेतृत्व तक’ विषय पर प्रेरणादायी व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीएएसएफ के उद्योग प्रबंधक दीपक गौराहा ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपनी शिक्षा, संघर्ष और व्यावसायिक यात्रा के अनुभव साझा किए।
परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने के लिए किया प्रेरित
बिलासपुर जिले के एक गांव से कृषि शिक्षा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे गौराहा ने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर सीखने और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।बताया कि कृषि क्षेत्र अब पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि एग्री-बिजनेस, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, प्रसंस्करण, डिजिटल एग्रीकल्चर, स्टार्टअप और उद्यमिता में भी व्यापक अवसर हैं।विद्यार्थियों से कहा कि असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ें तथा सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करें। उन्होंने कहा कि गांव और अपनी जड़ों से जुड़े रहकर भी युवा अपने सपनों को वैश्विक ऊंचाई दे सकते हैं।वहीं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी मनोज सागर ने कृषि को केवल नौकरी का माध्यम न मानकर उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन का क्षेत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कृषि में ड्रोन तकनीक, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, डिजिटल सेवाओं और कृषि आधारित स्टार्टअप जैसी नई संभावनाओं की जानकारी दी।अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व, नवाचार और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करना रहा। कार्यक्रम का संदेश रहा कि जड़ों से जुड़े रहकर भी सपनों की उड़ान वैश्विक हो सकती है।

