
रक्षाबंधन से पहले मिली किश्त ने बढ़ाई त्योहार की खुशियां, आर्थिक आत्मनिर्भरता का मिला संबल
धमतरी। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के खातों में नियमित रूप से पहुंच रही आर्थिक सहायता केवल एक हजार रुपये की राशि नहीं, बल्कि उनके लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और भरोसे का आधार बन रही है।जिले के ग्राम पोटियाडीह की मीनाक्षी निर्मलकर के लिए भी योजना की 30 वीं किश्त कुछ ऐसी ही खुशियां लेकर आई।मीनाक्षी रोज की तरह घर के कामकाज में व्यस्त थीं, इसी दौरान अचानक मोबाइल पर एसएमएस आने की घंटी बजी,मोबाइल देखा तो बैंक खाते में महतारी वंदन योजना की 30 वीं किश्त पहुंच चुकी थी। यह संदेश देखते ही उनके चेहरे पर संतोष और खुशी की मुस्कान आ गई।मीनाक्षी बताती हैं कि योजना के तहत हर महीने मिलने वाली राशि उनके लिए घरेलू जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित होती है। कभी घर के छोटे-मोटे सामान की जरूरत हो, बच्चों से जुड़ा खर्च हो या अपनी व्यक्तिगत आवश्यकता—इस राशि से उन्हें काफी सहारा मिलता है।पहले ऐसी जरूरतों के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, कहती हैं, “सरकार की इस पहल से महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों और खर्चों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।अपने खाते में राशि आने से हमें आर्थिक रूप से मजबूत होने का एहसास होता है।”रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक पर्व के अवसर पर मिली यह किश्त मीनाक्षी के लिए और भी खास है,उनके लिए यह आर्थिक सहायता केवल खर्च का साधन नहीं, बल्कि अपने निर्णय स्वयं लेने और परिवार में अपनी भूमिका को और मजबूती से निभाने का अवसर भी है।मीनाक्षी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हम बहनों को रक्षाबंधन से पहले ही योजना की राशि देकर मुख्यमंत्री भैया ने हमारे त्योहार की खुशियां बढ़ा दी हैं। यह राशि हमारे लिए भाई के स्नेह और आशीर्वाद जैसी है। इसके लिए मैं उन्हें हृदय से धन्यवाद देती हूं और रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।”कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि उनमें आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवार के लिए बेहतर निर्णय लेने का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।


