
धमतरी। सरकारी स्कूलों में नवाचार, जनभागीदारी और समर्पण से बदलाव की मिसाल पेश करने वाले जिले के तीन शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है,जिस पर कलेक्टर शिक्षक लीलाराम साहू और शिक्षिका रंजीता साहू को शाल-श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया और बधाई दी।शासकीय प्राथमिक शाला धौराभाठा के शिक्षक लीलाराम साहू ने खेल-खेल में पढ़ाई और टीएलएम आधारित शिक्षण से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाई,उनके मार्गदर्शन में 23 विद्यार्थियों का चयन जवाहर नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में हुआ है।वहीं शासकीय माध्यमिक शाला लुगे की शिक्षिका रंजीता साहू ने ‘मैं हूं गुल्लक’ अभियान के जरिए शिक्षकों और पालकों की सहभागिता से 150 स्कूलों में स्मार्ट टीवी पहुंचाने की पहल की। उन्होंने करीब 300 स्कूलों में गणित वर्णमाला तथा 11 हजार बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने में भी योगदान दिया।साथ ही शासकीय प्राथमिक शाला कोलियारी की शिक्षिका प्रीति शांडिल्य ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने में योगदान दिया। यह सामग्री 400 से अधिक स्कूलों और 20 विशेष विद्यालयों तक पहुंची तथा इस कार्य का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ,जिस पर कलेक्टर ने कहा कि इन शिक्षकों ने साबित किया है कि शिक्षा में बदलाव केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि नई सोच, समर्पण और नवाचार से संभव है।यह प्रयास अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।

