गांव के बच्चों के हाथों में होगी भविष्य की तकनीक, मगरलोड में बनेगी अत्याधुनिक रोबोटिक्स एवं 3-डी प्रिंटिंग लैब

रोबोटिक्स वर्कशॉप से मिली नई दिशा, युवाओं की सहभागिता से शिक्षा विभाग कर रहा लैब का विकास

धमतरी। मगरलोड क्षेत्र में विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक पहल की जा रही है,शिक्षा विभाग द्वारा मगरलोड में अत्याधुनिक रोबोटिक्स लैब एवं रोबोटिक्स थ्री-डी प्रिंटिंग लैब विकसित की जा रही है,जिसका उद्देश्य ग्रामीण अंचल के बच्चों और युवाओं को तकनीकी शिक्षा के व्यावहारिक अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है।इस पहल के तहत विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोबोटिक्स, थ्री-डी प्रिंटिंग, डिजाइन, प्रोग्रामिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवाचार जैसे क्षेत्रों में प्रयोग एवं सीखने का अवसर मिलेगा,जिससे बच्चों में तार्किक सोच, समस्या समाधान की क्षमता, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद मिलेगी।लैब की संकल्पना को स्थानीय युवाओं की रुचि और सहभागिता से आगे बढ़ाया जा रहा है। हाल ही में मगरलोड में रोबोटिक्स वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें युवाओं एवं विद्यार्थियों को रोबोटिक्स तकनीक की प्रारंभिक जानकारी, मॉडल निर्माण, प्रोग्रामिंग तथा तकनीकी प्रयोगों से परिचित कराया गया। वर्कशॉप के दौरान युवाओं की तकनीक के प्रति उत्सुकता और सीखने की रुचि को देखते हुए इस पहल को और व्यापक स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।इस रोबोटिक्स वर्कशॉप में कलेक्टर और सीइओ जयंत नाहटा भी पहुंचे एवं बच्चों को प्रोत्साहित किया तथा उनके आइडियाज की सराहना की।प्रस्तावित लैब विद्यार्थियों के लिए सीखने के साथ-साथ ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) का प्रभावी मंच बनेगी। यहां विद्यार्थी अपनी कल्पनाओं को मॉडल और प्रोटोटाइप के रूप में विकसित कर सकेंगे। थ्री-डी प्रिंटिंग जैसी तकनीक के माध्यम से डिजाइन को वास्तविक रूप देने का अवसर मिलेगा। आगे चलकर स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने, नवाचार आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने और इच्छुक युवाओं को स्टार्टअप एवं उद्यमिता की दिशा में मार्गदर्शन देने की संभावनाएं भी विकसित होंगी।कलेक्टर ने कहा, “मगरलोड में रोबोटिक्स और थ्री-डी प्रिंटिंग लैब की स्थापना का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को भविष्य की तकनीकों से परिचित कराना और उनकी रचनात्मक क्षमता को अवसर देना है। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र का विद्यार्थी भी आधुनिक तकनीक को केवल देखे नहीं, बल्कि उसे समझे, प्रयोग करे और अपने विचारों को नवाचार में परिवर्तित करे। स्थानीय युवाओं की सहभागिता से विकसित यह पहल शिक्षा को रोजगार, कौशल और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।”

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