वीबी-जी रामजी के अभिसरण से शिक्षा अधोसंरचना होगी सुदृढ़ – कलेक्टर अबिनाश मिश्रा

समेकित विद्यालय परिसर, पौधरोपण, प्रवेश अभियान और आदिवासी छात्रावासों के उन्नयन को दी प्राथमिकता

धमतरी। जिले में गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में कलेक्टर की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में विभिन्न प्राचार्यों द्वारा अपने-अपने विद्यालयों के विकास संबंधी प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण किया गया,जिस पर कलेक्टर कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी अभिसरण करते हुए ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे अधिकतम विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण एवं बेहतर आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके,सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे अपने विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन कर विकास कार्यों के सुव्यवस्थित एवं व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार करें और संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जनपद पंचायत को शीघ्र प्रेषित करें।वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे विद्यालय परिसरों की पहचान की जाए, जहां प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं,इन समेकित शिक्षा परिसरों का योजनाबद्ध विकास किए जाने से अधोसंरचना का बेहतर उपयोग होगा, संसाधनों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित होगा तथा विद्यार्थियों को एकीकृत एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा तथा पौधरोपण अभियान संचालित करने पर विशेष जोर देते हुए,कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता का भी केंद्र बने।विद्यालय प्रवेश अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक पात्र बालक एवं बालिका का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए,विशेष रूप से कक्षा  ग्यारहवीं में प्रवेश की अद्यतन जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालय छोड़ने वाले विद्यार्थियों की समय रहते पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके तथा ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम किया जा सके।बैठक में कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग को निर्देशित किया कि वीबी-जी रामजी के अंतर्गत जिले में चार से पांच आदिवासी छात्रावासों के उन्नयन एवं विकास कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए,कहा कि छात्रावासों में बेहतर अधोसंरचना, सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध होने से दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रत्येक कार्य का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और समान अवसर उपलब्ध कराना है अतःसभी अधिकारियों को योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि जिले की शिक्षा व्यवस्था निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर हो सके।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *