धमतरी बनेगा छत्तीसगढ़ का पहला मॉडल कार्बन कृषि जिला

जलवायु-अनुकूल खेती, मृदा स्वास्थ्य संवर्धन और कार्बन क्रेडिट से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

धमतरी। जिला प्रशासन धमतरी एवं जलवायु प्रौद्योगिकी आधारित संस्था प्रिथु (PRITHU) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए,जिसके माध्यम से धमतरी को छत्तीसगढ़ के प्रथम मॉडल कार्बन कृषि जिला के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इस पहल के तहत जिले में दो चरणों में लगभग 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मृदा कार्बन संवर्धन (Soil Organic Carbon-SOC) परियोजना तथा 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ऑल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग (AWD) आधारित धान उत्पादन परियोजना संचालित की जाएगी,जिसका उद्देश्य कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाना, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करना, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाना है।प्रिथु के सह-संस्थापक ने बताया कि संस्था आगामी तीन वर्षों में लगभग 5 करोड़ रुपये का निवेश कर इसका उपयोग किसानों के क्षमता विकास, ग्रामीण युवाओं के कौशल उन्नयन, रोजगार सृजन, किसान आदान-प्रदान कार्यक्रमों तथा आधुनिक कृषि एवं जलवायु तकनीकों के प्रसार में किया जाएगा एवं परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के पश्चात संपूर्ण जीवनचक्र में कार्बन क्रेडिट के माध्यम से किसानों को लगभग 250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होने की संभावना है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के साथ-साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा और कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति अधिक सक्षम बनाया जा सकेगा।कलेक्टर ने इस पहल को जिले के कृषि विकास के लिए दूरगामी महत्व का बताते हुए कहा कि धमतरी सदैव नवाचार आधारित विकास की दिशा में अग्रणी रहा है।यह पहल किसानों को नई संभावनाओं से जोड़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।विशेषज्ञों के अनुसार मृदा में कार्बन की मात्रा बढ़ने से मिट्टी की उर्वरता, जल धारण क्षमता और फसल उत्पादकता में सुधार होता है,इससे किसानों की लागत में कमी आने के साथ पर्यावरणीय लाभ भी प्राप्त होते हैं।इसके माध्यम से धमतरी जिले को जलवायु-अनुकूल कृषि, कार्बन वित्त, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण तथा किसान समृद्धि के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में नई गति मिलेगी।जिला प्रशासन को विश्वास है कि यह पहल भविष्य में प्रदेश एवं देश के अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण सिद्ध होगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *