
ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का वैध अधिकार
धमतरी। स्वामित्व योजना के तहत धमतरी जिले में ग्रामीण आबादी भूमि के स्वामित्व निर्धारण की दिशा में प्रगति दर्ज की गई है।राजस्व ग्रामों में ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किए जा रहे कार्य के अंतर्गत कार्यान्वयन एजेंसी सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा 5 राजस्व ग्रामों में अधिकार अभिलेख का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है।इसमें भाखरा, बेलरगांव, धमतरी, कुरूद एवं मगरलोड विकासखंड के चयनित ग्रामों की कुल 10 शीटों के मसौदा मानचित्र (Map-2) तथा संपत्ति धारकों का विस्तृत विवरण तैयार कर संबंधित ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराया गया है।कलेक्टर ने संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रारंभिक प्रकाशन परिशिष्ट-7 के तहत किया जाए तथा ग्राम कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर अधिक से अधिक हितग्राहियों तक सूचना पहुंचाई जाए।तथा Map-1 में चिन्हित विसंगतियों का Map-2 से मिलान किया जाए तथा हल्का पटवारी द्वारा तैयार संपत्ति विवरण और सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त आंकड़ों का आपसी सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। Map-2 में भू-खण्ड सीमाओं को पीले, भवनों को लाल, मार्गों को नीले एवं शासकीय भूमि को हरे रंग से प्रदर्शित किया गया है, जिससे ग्रामीणों को अपने भू-अधिकार को समझने में आसानी होगी।प्रारंभिक प्रकाशन की तिथि से 15 दिवस की अवधि तक संबंधित हितग्राही अपने दावे-आपत्तियां प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे।एवं सभी दावों के निराकरण उपरांत संशोधित Map-3 को अंतिम प्रकाशन हेतु कार्यान्वयन एजेंसी को भेजा जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में कोई दावा या आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो अंतिम अधिकार अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।इस योजना के माध्यम से न केवल भूमि विवादों में कमी आएगी, बल्कि बैंक ऋण, संपत्ति हस्तांतरण एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ प्राप्त करने में भी ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली को बढ़ावा देने तथा सुशासन की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है।


