

यात्रा में गूंजा राष्ट्रप्रेम का संदेश, ‘टूर डे धमतरी’ के 25 साइकिल सवार भी हुए शामिल
‘वंदे मातरम्’ हमारी राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक – महापौर
धमतरी। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में आज देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी का अनुपम दृश्य देखने को मिला। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित साइकिल तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिकों,ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा और मन में राष्ट्रप्रेम का भाव लिए प्रतिभागियों ने करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय कर राष्ट्रीय एकता, स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया,यहां यात्रा रत्नाबांधा चौक से प्रारंभ होकर मरादेव पहुंची,यात्रा में महापौर रामू रोहरा, अधिकारी-कर्मचारी, माई भारत के स्वयंसेवक, स्काउट-गाइड, एनएसएस स्वयंसेवक, गणमान्य नागरिक तथा स्कूली बच्चे शामिल हुए।विशेष आकर्षण के रूप में रायपुर से ‘टूर डे धमतरी’ के अंतर्गत पर्यटन, युवा सहभागिता और नशामुक्ति का संदेश लेकर पहुंचे 25 साइकिल सवार प्रतिभागी भी साइकिल तिरंगा यात्रा में विशेष रूप से शामिल हुए।उन्होंने साइकिल तिरंगा यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली इतिहास को स्मरण करते हुए राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। यात्रा के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। तिरंगा यात्रा ने यह संदेश भी दिया कि राष्ट्रप्रेम केवल भावना नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदार आचरण का संकल्प है।यात्रा के दौरान जिंजर लिफ रेस्टोरेंट में आयोजित कार्यक्रम सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया,सामूहिक स्वर में गूंजे राष्ट्रगीत से पूरा वातावरण देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से ओतप्रोत हो गया।इस अवसर पर महापौर ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, संघर्ष, त्याग और राष्ट्रीय चेतना की गौरवशाली पहचान है। इसके 150 वर्ष पूर्ण होना हम सभी के लिए गर्व और गौरव का अवसर है।इस तिरंगा यात्रा में युवाओं, विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी यह दर्शाती है कि देशभक्ति की भावना आज भी उतनी ही प्रबल है।


