जीविका संवर्धन पर केंद्रित रही समय-सीमा (टीएल) बैठक

कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं की प्रगति, नवाचार एवं सफल हितग्राहियों के प्रेरक मॉडल की समीक्षा की
शिकायतों के समयबद्ध निराकरण, सुशासन शिविर के लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटारे तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के दिए निर्देश

धमतरी। जिले में आजीविका के अवसरों का विस्तार, स्वरोजगार को बढ़ावा तथा हितग्राही-केंद्रित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के उद्देश्य से गंगरेल विश्राम गृह में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक का मुख्य विषय “जीविका (Livelihood)” पर हुई बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित आजीविका एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों, नवाचारों तथा सफल हितग्राहियों के प्रेरक उदाहरणों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।कलेक्टर ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का अंतिम उद्देश्य पात्र हितग्राहियों की आय में वृद्धि, आत्मनिर्भरता तथा स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है,इसके लिए विभागों के मध्य प्रभावी अभिसरण, समन्वय तथा नवाचार आधारित कार्यप्रणाली अपनाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।बैठक में सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से विकासखंडों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्व-सहायता समूहों, ग्रामीण उद्यमिता, आजीविका गतिविधियों तथा आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे नवाचारों एवं उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी ली तथा ऐसे सफल मॉडलों को अन्य विकासखंडों में भी अपनाने पर बल दिया।
कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास एवं मत्स्य विभाग द्वारा किसानों एवं हितग्राहियों की आय बढ़ाने, मूल्य संवर्धन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा सफल किसान एवं उद्यमियों के प्रेरक प्रकरणों की जानकारी प्रस्तुत की गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना तथा जिले में स्टार्टअप गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई एवं कौशल विकास से जुड़े विभागों द्वारा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों, कौशल उन्नयन कार्यक्रमों तथा वर्बिल (Verbyl) जैसे नवाचारों की जानकारी दी।वहीं खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने खादी, हाथकरघा एवं ग्रामीण कुटीर उद्योगों के विस्तार तथा रोजगार सृजन संबंधी उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल योजनाओं के आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे सफल हितग्राहियों की प्रेरक कहानियां, उत्कृष्ट मॉडल एवं नवाचार भी प्रस्तुत करें, जिन्हें जिले के अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सके।कहा कि प्रत्येक विभाग ऐसे नवाचारों का दस्तावेजीकरण कर व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित करे, जिससे अधिक से अधिक लोग योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित हों।बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, विभिन्न ऑनलाइन शिकायत पोर्टलों तथा अन्य लंबित शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक समाधान पर आधारित होना चाहिए।साथ ही सुशासन शिविरों में प्राप्त शेष लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।साथ ही जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए किसानों को निर्धारित समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि क्षतिग्रस्त मार्गों का तत्काल सर्वे कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए,ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवागमन बाधित न हो तथा नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की सतत समीक्षा करें।

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