

नारको को-ऑर्डिनेशन, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति एवं नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जिला स्तरीय समन्वय बैठक सम्पन्न
धमतरी। कलेक्टर की अध्यक्षता में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी), सड़क सुरक्षा, नशा मुक्त भारत अभियान, तथा नवीन कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।इस अवसर पर एसपी भावना पाण्डेय सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों एवं सुझावों पर हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाए तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस के बीच सतत समन्वय बनाए रखा जाए,युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।नशे के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है।कहा कि अब तक हुई कार्रवाई संतोषजनक अवश्य है, लेकिन इसे और अधिक व्यापक, सतत एवं परिणाममूलक बनाने की आवश्यकता है।साथ ही स्कूलों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित रूप से नशा विरोधी जागरूकता अभियान संचालित करने तथा नशे के दुष्प्रभावों से समाज को अवगत कराने के निर्देश दिए।नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए चौक-चौराहों,ढाबों,बस स्टैंड, एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित सघन चेकिंग अभियान चलाने, संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से संचालित ठेले-गुमटियों को नियमानुसार व्यवस्थित करने और सड़कों पर वाहन खड़े न रहे इस संबंध में भी निर्देश दिए तथा सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कहा कि सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभाग समन्वित कार्रवाई करें तथा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रभावी प्रयास किए जाएं तथा आम नागरिकों की समस्याओं का यथासंभव स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को जिला मुख्यालय आकर धरना-प्रदर्शन अथवा अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। कहा कि प्रत्येक विभाग जनशिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।वहीं ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार, अपराधों तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा लगातार विशेष अभियान संचालित किए जा रहे है,चौक-चौराहों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सघन वाहन जांच, रात्रि गश्त तथा निगरानी को और प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही नागरिकों से अपील की कि वे नशे के कारोबार, अवैध गतिविधियों अथवा कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।


