सेवा संकल्प अभियान: ग्रामीण तालाबों की मछली अब 140 रुपये किलो

स्थानीय बाजार में निर्धारित 20 प्रतिशत मछली के विक्रय मूल्य में 20 रुपये प्रति किलो की वृद्धि, मछुआरा समितियों और डुबान क्षेत्र के परिवारों को मिलेगा लाभ

धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में मछुआरा समुदाय, मत्स्य समितियों, समूहों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने की दिशा में जिला पंचायत ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ग्रामीण तालाबों से आखेटित मछलियों में से स्थानीय बाजार में विक्रय की जाने वाली निर्धारित 20 प्रतिशत मछली की दर अब 120 रुपये के स्थान पर 140 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। संशोधित दर 3 अक्टूबर से प्रभावशील हो गई है।जिला पंचायत की अधीनस्थ कृषि स्थायी समिति की 28 सितंबर को हुई बैठक में प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया था। इसके बाद 1 अक्टूबर को आयोजित जिला पंचायत की सामान्य सभा में अंतिम मंजूरी दी गई। इसके पालन में जिला पंचायत सीईओ ने संशोधित विक्रय दर लागू करने संबंधी आदेश जारी किया है।

मछुआरा समुदाय की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय बाजार में मछली की निर्धारित मात्रा के विक्रय मूल्य में वृद्धि का सीधा लाभ मछुआरा समुदाय को मिलेगा। जिले में बड़ी संख्या में धीवर समाज के परिवार मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हैं। वहीं डुबान क्षेत्र के अनेक परिवारों की आजीविका भी मछली आखेट और मत्स्य पालन पर निर्भर है। बेहतर मूल्य मिलने से इन परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।बताया कि गंगरेल क्षेत्र में भी मछुआरा समुदाय की आजीविका को मजबूत करने के लिए पहल की गई है। पहले जहां मत्स्य व्यवसाय के लिए टेंडर व्यवस्था अपनाई जाती थी, वहीं अब सीधे मछुआरा समितियों के माध्यम से व्यवस्था की जा रही है। इससे लगभग चार से पांच हजार परिवारों को लाभ मिल रहा है। मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है।

स्थानीय उत्पादन को मिलेगा बेहतर बाजार

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में तालाब हैं। इसके अलावा खेतों में आजीविका डबरी भी तैयार की जा रही हैं, जिससे मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर उत्पादित मछली के लिए बेहतर बाजार और मूल्य मिलने से मत्स्य समितियों, समूहों और मछुआरा परिवारों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।स्थानीय बाजार में निर्धारित 20 प्रतिशत मत्स्य उत्पादन की बिक्री से स्थानीय उत्पादन और मांग के बीच सीधा संबंध भी मजबूत होगा। इससे स्थानीय उपभोक्ताओं को क्षेत्र में उत्पादित ताजी मछली उपलब्ध होगी और मछुआरों को अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

उत्पादन से विपणन तक मजबूत होगी व्यवस्था

सीईओ जिला पंचायत जयंत नाहटा ने बताया कि संशोधित विक्रय दर संबंधी आदेश जारी कर दिया गया है।कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय मत्स्य उत्पादन को स्थानीय मांग से जोड़ना तथा मछुआरा समितियों एवं मत्स्य पालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।जिला पंचायत ने संबंधित समितियों, समूहों एवं मत्स्य पालकों को निर्धारित प्रक्रिया और प्रावधानों के अनुरूप स्थानीय बाजार में मछली का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *