
कच्चे और जर्जर मकान से पक्के घर तक का सफर, श्याम बाई के लिए आवास बना सुरक्षा और सम्मान का आधार
धमतरी। कुरूद विकासखंड के ग्राम पंचायत जी जामगांव की श्याम बाई पटेल के परिवार के लिए बारिश का मौसम कभी चिंता का कारण हुआ करता था। कच्ची दीवारों और जर्जर छत वाले छोटे से मकान में परिवार के चार सदस्यों को हर बारिश में घर की सुरक्षा की चिंता सताती थी।आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने पक्के मकान ने उनके परिवार को सुरक्षित छत और सुकून दिया है।आर्थिक रूप से कमजोर श्याम बाई के परिवार के पास कृषि भूमि नहीं थी। पति-पत्नी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। सीमित आय के चलते पक्का मकान बनाना उनके लिए लंबे समय से सपना था। पुराने एक कमरे के कच्चे मकान में बारिश के दौरान छत से पानी टपकता और दीवारों में सीलन आ जाती थी। इससे परिवार को बच्चों और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने में भी परेशानी होती थी।
योजना ने बदली परिवार की तस्वीर
सेवा संकल्प अभियान के तहत परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए पात्र पाया गया एवं ग्राम पंचायत के माध्यम से चयन होने के बाद पक्के मकान का सपना साकार होने लगा। जनपद पंचायत कुरूद द्वारा आयोजित उन्मुखीकरण कार्यक्रम में श्याम बाई को योजना की प्रक्रिया, किस्तों के भुगतान और आवास निर्माण के निर्धारित मापदंडों की जानकारी दी गई।योजना से मिली सहायता और परिवार की मेहनत से धीरे-धीरे मकान तैयार हुआ। दीवारें उठीं, छत बनी और आखिरकार परिवार ने अपने नए पक्के घर में प्रवेश किया।
अब बारिश चिंता नहीं, सुकून लेकर आती है
आज श्याम बाई का पक्का मकान उनके परिवार के लिए सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है। अब बारिश के दिनों की चिंता नहीं रहती। बच्चों को भी सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिला है।श्याम बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वर्षों पुरानी चिंता से मुक्ति और अपने परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य की शुरुआत है। कभी जिस घर में बारिश से बचने की चिंता रहती थी, आज उसी परिवार के पास अपनी सुरक्षित छत और खुशियों का आशियाना है।

