
PMKSY-WDC 2.0 के तहत ग्रामीणों ने जल की हर बूंद बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का लिया संकल्प
धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–जलग्रहण विकास घटक 2.0 (PMKSY-WDC 2.0) के अंतर्गत मगरलोड विकासखंड के शुक्लाभाठा, गाडाडीह और बोडरा में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया।ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए सामूहिक संकल्प लिया।ग्राम सभा में ग्रामीणों को जल की प्रत्येक बूंद के महत्व, भू-जल स्तर बनाए रखने, मिट्टी के कटाव को रोकने और पर्यावरण संतुलन के लिए सामुदायिक प्रयासों की आवश्यकता की जानकारी दी गई।वहीं वाटरशेड योद्धाओं ने ग्रामीणों से घर से ही पानी बचाने, वर्षा जल का संरक्षण करने तथा सोखता गड्ढों जैसी संरचनाओं के माध्यम से जल को जमीन में उतारने का आह्वान किया।
‘जल बचाएं, भविष्य बचाएं’ का संदेश
वाटरशेड योद्धाओं ने कहा कि जल संरक्षण किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। फसल चक्र में आवश्यक बदलाव, वृक्षारोपण और वर्षा जल संरक्षण जैसे उपायों से भू-जल एवं मृदा पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है। ग्रामीणों ने जल एवं मृदा संरक्षण का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
जलग्रहण विकास से मजबूत होंगे प्राकृतिक संसाधन
PMKSY-WDC 2.0 के तहत क्षेत्र की जरूरत के अनुसार चेकडेम, स्टॉपडेम, तालाब, डबरी, परकोलेशन टैंक, कंटूर ट्रेंच, गली प्लग, बोरी बंधान और वृक्षारोपण जैसे कार्य किए जाते हैं। इनका उद्देश्य वर्षा जल को रोकना, भू-जल पुनर्भरण बढ़ाना, मिट्टी के कटाव को कम करना और कृषि एवं ग्रामीण आजीविका के लिए जल उपलब्धता बेहतर करना है।

