
टापू में फंसे लोगों और डूबते व्यक्ति का रेस्क्यू कर परखी राहत-बचाव की तैयारियां
धमतरी। आपदा की स्थिति में प्रशासन कितनी तेजी से सक्रिय होता है, राहत और बचाव दल किस तरह मौके पर पहुंचते हैं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कितना प्रभावी है। इन्हीं तैयारियों को परखने के लिए खूबचंद बघेल बैराज (रूद्री बैराज) में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई।राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास में जिला प्रशासन सहित विभिन्न विभागों की टीमों ने आपात स्थिति से निपटने की अपनी तैयारियों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया।सुबह करीब 10.30 बजे निर्धारित आपदा परिदृश्य की घोषणा होते ही प्रशासनिक अमला और संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय हो गईं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला नगर सेनानी बैरक एवं हाल को राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविर तथा भोजन वितरण केंद्र के रूप में चिन्हांकित कर व्यवस्थाओं की परख की गई। मॉक ड्रिल के दौरान आपदा प्रभावितों की पहचान, उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने और राहत सामग्री वितरण की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा लाइफ गार्ड टीम का राहत एवं बचाव प्रदर्शन रहा।टीम ने टापू में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और डूबते व्यक्ति को बचाने की प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन किया।सीमित संसाधनों और स्थानीय सामग्री का उपयोग कर आपदा के समय राहत कार्य किस तरह संचालित किए जा सकते हैं, इसकी भी जानकारी दी गई,बचाव कार्य के दौरान आस्का लाइट, लाइफ जैकेट, लाइफ बोट, सर्चिंग लाइट और वॉकी-टॉकी सहित विभिन्न आपदा प्रबंधन उपकरणों का उपयोग किया गया।रायपुर से आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन जुड़कर मॉक ड्रिल की पूरी गतिविधियों का अवलोकन करते रहे।वहीं सिविल डिफेंस दल ने राहत एवं बचाव कार्यों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने आपदा प्रभावित लोगों की पहचान, राहत शिविर में पहुंचाने और राहत सामग्री के व्यवस्थित वितरण की प्रक्रिया समझाई।


