एग्रीस्टेक पंजीयन में समय-सीमा में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें – कलेक्टर अबिनाश मिश्रा

धान विक्रय के लिए एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य, सभी विभाग मिशन मोड में कार्य कर प्रत्येक पात्र किसान का पंजीयन सुनिश्चित करें

धमतरी। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों के एग्रीस्टेक पंजीयन की प्रगति, लंबित प्रकरणों एवं निराकरण की समीक्षा हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पंजीयन को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था किसानों को तकनीक आधारित, पारदर्शी एवं सुगम कृषि सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कहा कि पंजीयन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी संबंधित विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें,समीक्षा के दौरान 94 संस्थागत एवं ट्रस्टों के पंजीयन की स्थिति पर चर्चा की गई,जिसमें से अब तक केवल 23 संस्थाओं ने निर्धारित प्रारूप में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई है। इस पर कलेक्टर ने शेष संस्थाओं से तत्काल जानकारी प्राप्त कर पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टेक पंजीयन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों को शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम है,इसलिए सभी अधिकारी समन्वित प्रयास करते हुए ग्राम स्तर तक नियमित समीक्षा करें तथा प्रतिदिन की प्रगति का मूल्यांकन सुनिश्चित करें,और निर्देश दिए कि पंजीयन अभियान में किसी भी स्तर पर शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी,इसके लिए नवीन पंजीयन और आवश्यक संशोधन 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 के बीच किए जा सकेंगे,पिछले खरीफ वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों को पुनः नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है,यदि पुराने किसानों के रिकॉर्ड में कोई परिवर्तन हुआ है, तो वे निर्धारित अवधि में संबंधित समिति या खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की वेबसाइट के माध्यम से आवश्यक सुधार करवा सकते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *