

धमतरी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण द्वारा जिला जेल परिसर में बीजारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक बीजारोपण और वृक्षारोपण के माध्यम से समाज को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में हिमालय के सिकुड़ते ग्लेशियर, बढ़ती हीटवेव, असामान्य वर्षा, घटती जैव विविधता तथा सूखते जलस्रोत जैसे संकट मानव अस्तित्व, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।पर्यावरणीय संकट अब भविष्य की आशंका नहीं, बल्कि वर्तमान की वास्तविकता है।पर्यावरण संरक्षण केवल वैज्ञानिक या सरकारी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवहार, जीवनशैली और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा प्रश्न है।भारतीय संस्कृति में नदियों, पर्वतों, वृक्षों और प्रकृति को जीवनदाता के रूप में सम्मान दिया गया है। आधुनिक पर्यावरणीय चिंतन को भारतीय सांस्कृतिक चेतना से जोड़ना समय की आवश्यकता है। वृक्ष पर्यावरण संतुलन, जल संरक्षण तथा जैव विविधता के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस दौरान रोनित शहरे ने पर्यावरण विषयक गीत प्रस्तुत कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम में जिला जेल के बंदी एवं जेल प्रहरी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


