ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से व्यापार ठप होने का खतरा

कैट ने कलेक्टर के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन

धमतरी। प्रदेश सरकार द्वारा सभी दुकानदारों व व्यापारियों के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ कैट इकाई ने मोर्चा खोल दिया है,संगठन ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इस कानून को तत्काल रद्द करने की मांग की है।
कैट के जिलाध्यक्ष महेश जसूजा ने बताया कि ज्ञापन में मुख्यमंत्री से निवेदन किया गया है कि व्यापारी वर्ग पहले से ही जीएसटी की जटिलताओं, ऑनलाइन ट्रेडिंग और ई-कॉमर्स कंपनियों की प्रतिस्पर्धा के कारण भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है, अब शासन के नए आदेश के तहत ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से छोटे व मझोले व्यापारियों की कमर टूट जाएगी। वही गौतम वाधवानी ने बताया की लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया, में नगर निगम में तीन श्रेणियों में रखा गया प्रत्येक दुकान की प्रति वर्ग फीट के हिसाब से 4,5,6 रुपए शुल्क वही नगर पालिका के अधीन दुकानों में 3,4,5 रुपए प्रति वर्ग फीट तथा नगर पंचायत में 2,3,4 रुपए प्रति वर्ग फीट शुल्क लिया जाएगा,जिससे वायपारियो की आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएँगे पहले से ही ऑनलाइन खरीदी बिक्री से व्यापारियों की कमर टूट चुकी है,अब पुनः इस तरह का शुल्क लगाना डबल आर्थिक बोझ व्यापारियों पर पड़ रहा है, जिससे कई दुकानदार व्यापार बंद करने को मजबूर हो जाएंगे। इससे न सिर्फ व्यापारी परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होगा,बल्कि जिले में बेरोजगारी भी बढ़ेगी।
अगर यह नियम लागू हुआ तो छोटे दुकानदारों के बच्चों की पढ़ाई छूट जाएगी। ज्ञापन की कॉपी मुख्यमंत्री के साथ-साथ वित्त मंत्री ओपी चौधरी को भी प्रेषित की गई है।

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