

35 एकड़ में फलोद्यान, बहुफसली खेती और जल संरक्षण से आय के नए रास्ते
धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के तहत मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत केकराखोली में किसानों ने खेती को विविध और टिकाऊ बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। वीबी-जी रामजी एवं उद्यानिकी विभाग से संचालित समेकित फल उद्यान योजना के तहत गांव के 25 किसानों ने करीब 35 एकड़ भूमि को फलोद्यान एवं बहुफसली कृषि गतिविधियों से जोड़ा है।किसानों के खेतों में आम और कटहल के साथ हल्दी, उड़द, करेला, बरबटी और करोंदा जैसी फसलों तथा सतावर एवं सिंदूरी जैसे औषधीय पौधों की खेती की जा रही है। फलदार पौधों के बीच अंतरवर्ती फसलें लेने से भूमि का बेहतर उपयोग हो रहा है और फल उत्पादन शुरू होने तक किसानों को अल्प अवधि की फसलों से आय का अवसर मिल रहा है।
योजनाओं के अभिसरण से मजबूत हुआ कृषि आधार
योजना के तहत किसानों को फेंसिंग, बोरवेल और ग्रीन शेड हाउस जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा गया है,इससे सिंचाई, फसल सुरक्षा और संरक्षित खेती को बढ़ावा मिला है। विभिन्न विभागीय योजनाओं के समन्वय से किसानों को अपनी कृषि गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
7 आजीविका डबरियां बनीं अतिरिक्त आय का आधार
केकराखोली में 7 आजीविका डबरियों का भी विकास किया गया है। ये जल संरक्षण के साथ कृषि कार्यों और मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं,जो कि किसानों के लिए खेती के साथ अतिरिक्त आजीविका के विकल्प विकसित हुए हैं।
समेकित खेती से आत्मनिर्भरता की ओर
केकराखोली में विकसित मॉडल में फलोद्यान, बहुफसली खेती, संरक्षित कृषि, सिंचाई और जल संरक्षण को एक साथ जोड़ा गया है। इससे किसानों को वर्तमान में अंतरवर्ती फसलों से आय के अवसर और आगे चलकर फलदार पौधों से दीर्घकालिक आय की संभावना मिल रही है।

