
कलेक्टर की पहल पर तैयार हुआ Co-working Space, एक ही छत के नीचे मिलेंगे काम, मार्गदर्शन और अवसर
धमतरी। नगरी के विद्यार्थियों, फ्रीलांसर्स और नवाचार में रुचि रखने वाले युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से नगरी में आधुनिक सुविधाओं से युक्त Co-working Space तैयार किया गया है। कलेक्टर की पहल पर रावण भाठा के पास, बीओ कार्यालय के सामने विकसित यह Co-working Space युवाओं के लिए केवल बैठकर काम करने की सुविधा नहीं, बल्कि आइडिया से लेकर उद्यम तक की यात्रा में सहयोग देने वाला साझा मंच होगा। यहां कंप्यूटर, पर्याप्त कार्यस्थल, मीटिंग हॉल, इंटरनेट एवं वाई-फाई, बिजली और चार्जिंग जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। युवा यहां ऑनलाइन कार्य, डिजिटल सेवाएं, प्रोजेक्ट, व्यवसायिक योजनाएं और स्टार्टअप आइडिया पर एकाग्रता के साथ काम कर सकेंगे।Co-working Space को युवाओं को शासकीय योजनाओं, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों तथा कौशल विकास से जोड़ने के लिए भी उपयोगी केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां युवाओं को विभिन्न रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास कार्यक्रमों, स्टार्टअप एवं नवाचार से जुड़े अवसरों, प्रतियोगिताओं और पुरस्कारों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी,जिससे युवा अपने व्यवसाय की शुरुआत अथवा विस्तार के लिए उपलब्ध शासकीय योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, ऋण एवं वित्तीय सहायता तथा अन्य सहयोगी प्रावधानों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागीय योजनाओं और संस्थाओं से समन्वय कर युवाओं को आगे की प्रक्रिया के लिए मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे विशेष रूप से ग्रामीण अंचल के ऐसे युवाओं को लाभ मिलेगा, जिनके पास प्रतिभा और आइडिया तो है, लेकिन संसाधनों और उचित मार्गदर्शन का अभाव रहता है।विद्यार्थी, फ्रीलांसर, डिजिटल क्रिएटर, युवा उद्यमी और स्टार्टअप से जुड़े लोग यहां अपने अनुभव साझा कर सकेंगे तथा समान रुचि वाले युवा टीम बनाकर नए प्रोजेक्ट और व्यवसायिक गतिविधियों पर काम कर सकेंगे। समय-समय पर विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों और विषय-विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से व्यवसाय योजना तैयार करने, डिजिटल कौशल, बाजार की समझ, वित्तीय प्रबंधन और उद्यम संचालन जैसे विषयों पर उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में भी इसे उपयोग किया जा सकेगा,इसका उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार की तलाश तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोजगार सृजक और आत्मनिर्भर उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। स्थानीय संसाधनों, प्रतिभा और बाजार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए युवा अपने क्षेत्र में नए व्यवसाय और सेवाओं की शुरुआत कर सकेंगे। इससे नगरी क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल कार्य और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।कलेक्टर ने कहा कि युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और नए विचारों की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने की है। नगरी में Co-working Space इसी सोच के साथ तैयार किया गया है, ताकि युवा अपने कौशल और आइडिया को बेहतर तरीके से विकसित कर सकें। कहा कि शासकीय योजनाओं, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन को एक मंच से जोड़कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।


