
10 सितंबर को ग्राम मड़ेली में ओबीसी दिवस मनाने का सर्वसम्मत निर्णय
धमतरी। ओबीसी संयोजन समिति द्वारा 7 अगस्त को जिला साहू समाज भवन, धमतरी में ओबीसी सामाजिक न्याय दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंडल आयोग की ऐतिहासिक भूमिका, ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों तथा सामाजिक न्याय के विषय पर विचार-विमर्श किया गया।वक्ताओं ने कहा कि मंडल आयोग ने दिसंबर 1980 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की अनुशंसा की थी। लंबे समय तक लंबित रहने के बाद केंद्र सरकार ने वर्ष 1990 में मंडल आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर केंद्रीय सेवाओं में OBC के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इसे देश में सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना गया।ओबीसी संयोजन समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने कहा कि मंडल आयोग की अनुशंसाओं का क्रियान्वयन केवल आरक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने पिछड़े वर्गों के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और प्रतिनिधित्व के नए अवसर खोले।वहीं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष टिकेश्वर साहू ने कहा कि ओबीसी समाज को अपने इतिहास और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ऐसे आयोजन निरंतर किए जाएंगे, समाज की एकजुटता ही सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करेगी।नारायण प्रसाद कौशिक ने कहा कि सामाजिक उत्थान के लिए शिक्षा, समानता, सद्भाव और न्याय आवश्यक हैं। आध्यात्मिक चेतना के साथ सामाजिक जागरूकता से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है।अतः बैठक में उपस्थित सदस्यों ने 10 सितंबर को ग्राम मड़ेली में ओबीसी दिवस मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया।


