मेडिकल एजेंसी में ईओडब्ल्यू की छापेमारी, कई दस्तावेज ले गई टीम

घंटों चली जांच, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े पुराने प्रकरण संबंधी जांच की हो रही है चर्चा

मतरी : रायपुर रोड स्थित बस स्टैंड धमतरी के पास संचालित एक मेडिकल एजेंसी में शुक्रवार को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने दबिश दी। सात अधिकारी-कर्मचारियों की टीम यहां घंटों जांच कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने साथ लाल पोटली में ले गई। इस मेडिकल एजेंसी में ईओडब्ल्यू की छापेमार कार्रवाई की खबर शहर में फैलते ही लोगों व मेडिकल कारोबारियों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई।
ईओडब्ल्यू के सात सदस्यीय अधिकारी-कर्मचारियों की टीम 24 जुलाई की सुबह दो वाहनों में सवार होकर रायपुर रोड स्थित बस स्टैंड धमतरी के पास संचालित अनिल मेडिकल एजेंसी में दबिश दी। यहां पहुंचते ही अधिकारियों ने एजेंसी के कार्यालय में मौजूद कई महत्वपूर्ण फाइलों और अभिलेखों की बारीकी से कई घंटों तक जांच की। जांच के दौरान टीम को कई आवश्यक दस्तावेज भी मिले, जिसे लाल पोटली में टीम के अधिकारी-कर्मचारियों ने अलग से रखा था और जाने के समय अपने साथ ले गए। हालांकि टीम के अधिकारी-कर्मचारियों ने किसी भी तरह से चर्चा से इंकार किया। अनिल मेडिकल एजेंसी में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई की खबर जब शहर में फैली, तो मेडिकल से जुड़े लोगों, डाक्टरों और आम लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। ईओडब्ल्यू के इस कार्रवाई को लोग वर्ष 2003-04 के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक पुराने मामले से जोड़कर देख रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईओडब्ल्यू की टीम किस जांच को लेकर दबिश दी है और जांच कर रही है, क्योंकि अधिकारी-कर्मचारियों ने इस जांच कार्रवाई के संबंध में किसी तरह जानकारी देने से स्पष्ट मना किया।
इसे लेकर शहर में जगह-जगह चर्चाएं
ईओडब्ल्यू की दबिश के बाद शहर में मेडिकल कार्य से जुड़े व अन्य लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं है। इन चर्चाओं में यह भी है कि वर्ष 2003-04 में जिला स्वास्थ्य विभाग धमतरी में लोक कला जत्था स्कीम में बड़ी वित्तीय अनियमितता होने की चर्चा है, इस मामले को लेकर ईओडब्ल्यू की जांच कार्रवाई चल रही है। इससे पहले भी इस मामले में धमतरी में एक व्यक्ति के यहां जांच हुई है। जानकार सूत्रों की मानें तो इस मामले में धमतरी शहर के कुछ अन्य लोगों के यहां भी ईओडब्ल्यू जांच के लिए पहुंच सकती है, क्योंकि इस वित्तीय अनियमितता में कई लोग शामिल है। इस मामले में अभी भी कुछ लोगों पर जांच जारी है। यह पूरा मामला स्वास्थ्य सामाग्री सप्लाई से जुड़े होने की चर्चा है।

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