नाबालिग से लैंगिक अपराध के आरोपी को न्यायालय ने सुनाई 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा

एसपी भावना पांडेय ने उत्कृष्ट विवेचना के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू को पुरस्कृत करने की घोषणा

धमतरी। प्रकरण में प्राप्त शिकायत के आधार पर चौकी बिरेझर में भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा सतत पतासाजी, तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्यों एवं अन्य प्रमाणों के आधार पर पीड़ित बालिका को सकुशल बरामद किया गया। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों एवं वैधानिक कार्यवाही के आधार पर आरोपी कोमल लहरे, उम्र 21 वर्ष, निवासी मोहदा, जिला दुर्ग के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376(2)(जे)(एन) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) की धारा 6 के अंतर्गत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों से संतुष्ट होकर आरोपी को दोषी ठहराते हुए,पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3,000/-रूपये अर्थदंड से दंडित किया है।

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