
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप समग्र अधोसंरचना विकास पर कलेक्टर ने तय किया रोडमैप
धमतरी। कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित वीबीजीराम -जी योजना एवं स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग समन्वय बैठक में जिले के 25 स्कूल क्लस्टरों के समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर मंथन किया गया। बैठक में भारत सरकार के स्कूल क्लस्टर डेवलपमेंट प्लान तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।कलेक्टर ने वीबीजीराम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों के समग्र एवं सतत अधोसंरचना विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी,निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए विद्यालय परिसरों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए,शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी जितनी मजबूत होगी, विद्यालय उतने ही सशक्त और विद्यार्थी-केंद्रित बनेंगे।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक स्कूल क्लस्टर का वैज्ञानिक ढंग से गैप एनालिसिस तैयार कर अधोसंरचना संबंधी सभी आवश्यकताओं का आकलन किया जाए,तथा विकास कार्यों के प्रस्ताव संबंधित ग्राम सभाओं में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किए जाएं, जिससे स्थानीय जनभागीदारी सुनिश्चित हो और योजनाओं का प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन हो सके।बैठक में इंटीग्रेटेड स्कूल परिसरों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। यू-डाइस डेटा एंट्री, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं की उपलब्धता, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, खेल मैदानों का विकास, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, पार्किंग शेड, गार्डन, सुरक्षा रेलिंग तथा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम एवं समावेशी अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय ऐसा शिक्षण परिसर बने, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ तकनीक, खेल, नवाचार और सुरक्षित वातावरण का समुचित समावेश हो।वहीं साक्षरता अभियान एवं उल्लास-नव भारत कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विद्यालय परिसरों में बायो-फेंसिंग, हरित परिसर निर्माण तथा पर्यावरण संरक्षण आधारित गतिविधियों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।साथ हीस्वामी विवेकानंद स्कूलों से संबंधित अधोसंरचना प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को समग्र विकास के अवसर उपलब्ध कराना है,इसके लिए डिजिटल शिक्षा, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं तथा समावेशी अधोसंरचना का विस्तार आवश्यक है। अतःसभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।


