मुरूमसिल्ली बाँध पूरी तरह सुरक्षित, नियमित निरीक्षण एवं मरम्मत कार्य जारी

वर्षा पूर्व सुरक्षा और जल प्रबंधन को लेकर विभाग सतर्क, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

धमतरी, 1 जुलाई 2026। जल संसाधन विभाग द्वारा मुरूमसिल्ली बाँध की सुरक्षा, संरचनात्मक मजबूती तथा जल प्रबंधन को लेकर नियमित निगरानी एवं तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिनांक 23 जून 2026 को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री मैक्सी कुजूर ने अधीक्षण अभियंता श्री के.के. मित्तल, कार्यपालन अभियंता श्री हेमलाल कुरेशिया, कार्यपालन अभियंता श्री आर.एस. नेताम तथा अनुविभागीय अधिकारी श्री भविन देवांगन के साथ मुरूमसिल्ली बाँध का विस्तृत निरीक्षण किया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1923 में निर्मित मुरूमसिल्ली बाँध प्रदेश की महत्वपूर्ण वृहद सिंचाई परियोजनाओं में से एक है तथा यह गंगरेल जलाशय का सहायक बाँध है। परियोजना की संवेदनशीलता एवं महत्व को देखते हुए मुख्य अभियंता स्तर से समय-समय पर इसका तकनीकी निरीक्षण किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान बाँध की संरचनात्मक स्थिति, तटबंधों की सुरक्षा, जल निकासी व्यवस्था तथा अन्य सभी तकनीकी बिंदुओं का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय मुरूमसिल्ली बाँध में 130.07 एमसीएम (4.59 टीएमसी), अर्थात 80.29 प्रतिशत तथा गंगरेल जलाशय में 325.95 एमसीएम (11.509 टीएमसी), अर्थात 42.50 प्रतिशत जल संग्रहण दर्ज किया गया। जल प्रबंधन की दृष्टि से मुरूमसिल्ली बाँध से नियंत्रित रूप से गंगरेल जलाशय में पानी छोड़े जाने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में अल्प वर्षा अथवा अवर्षा की स्थिति में सिंचाई, पेयजल एवं अन्य आवश्यक प्रयोजनों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रह सके।
मुख्य अभियंता ने निरीक्षण के दौरान वर्षा पूर्व तटबंधों पर संभावित मिट्टी क्षरण (रेनकट) की मरम्मत एवं संरक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। निर्देशों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है तथा नियमानुसार नियंत्रित मात्रा में पानी गंगरेल जलाशय की ओर छोड़ा जा रहा है।
जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुरूमसिल्ली बाँध में किसी भी प्रकार की दरार अथवा संरचनात्मक क्षति नहीं पाई गई है। बाँध पूर्णतः सुरक्षित है तथा उसकी नियमित निगरानी विशेषज्ञ अभियंताओं द्वारा सतत की जा रही है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्रसारित भ्रामक एवं तथ्यहीन खबरों पर विश्वास न करें तथा केवल अधिकृत स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। वर्षा पूर्व किए जा रहे सभी मरम्मत एवं संरक्षण कार्य बाँध की दीर्घकालीन सुरक्षा, कार्यक्षमता एवं जनहित सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नियमित प्रक्रिया के अंतर्गत किए जा रहे हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *