जन संवाद-2.0 – विकसित भारत ग्राम संकल्प के तहत ग्राम पंचायतों में जनसंवाद आयोजित

पंचायत भवनों में ग्रामीणों को योजनाओं, अधिकारों एवं विकास गतिविधियों की दी गई जानकारी

जनभागीदारी से तय होंगी गांव के विकास की प्राथमिकताएं, ग्रामीणों ने साझा किए सुझाव एवं आकांक्षाएं

धमतरी। कलेक्टर के निर्देशन एवं सीइओ जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज “जन संवाद-2.0 विकसित भारत ग्राम संकल्प” अभियान के तहत जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।पंचायत भवनों में आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उनके अधिकारों, रोजगार के अवसरों तथा ग्राम विकास से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई।वहीं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने गांव की आवश्यकताओं, प्राथमिकताओं एवं विकास की भावी दिशा के संबंध में विचार और सुझाव साझा किए।अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा स्तर पर जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना तथा ग्रामीणों को विकास प्रक्रिया का सक्रिय सहभागी बनाना है। ग्राम पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों एवं संबंधित मैदानी अमले द्वारा अभियान की प्रमुख गतिविधियों की जानकारी दी गई।जनसंवाद के दौरान “मेरे गांव की प्राथमिकता” गतिविधि के माध्यम से ग्रामीण अपने गांव की प्रमुख जरूरतों और प्राथमिक विकास कार्यों का चयन कर सकेंगे,इससे ग्राम पंचायतों को स्थानीय स्तर पर सर्वाधिक आवश्यक कार्यों की पहचान करने और विकास कार्ययोजना को जनभावनाओं के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।इसी तरह “विकसित भारत संदेश कार्ड” के माध्यम से ग्रामीण अपने सपनों के गांव की परिकल्पना और भविष्य की अपेक्षाएं साझा करेंगे।“जनता पूछे-पंचायत बताए” संवाद मंच ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बनेगा,इसके जरिए ग्रामीण अपनी समस्याएं, सवाल एवं सुझाव रख सकेंगे तथा पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे,जिससे पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वास को और मजबूती मिलेगी।“125 दिन रोजगार- मेरा अधिकार” गतिविधि के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अधिकार, संबंधित प्रावधानों तथा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया गया तथा जनसंवाद में ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, आजीविका एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों पर अपनी अपेक्षाएं और सुझाव रखे,इससे स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हांकित करने में मदद मिलेगी।वहीं“तिरंगे के साथ विकास संदेश” गतिविधि के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की भावना को ग्राम विकास एवं विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा गया,जिससे ग्रामीणों ने तिरंगे के साथ विकसित भारत और विकसित गांव के निर्माण का संदेश दिया।इस अवसर पर सीइओ जयंत नाहटा ने कहा कि ग्राम पंचायत की विकास दिशा तभी प्रभावी रूप से तय हो सकती है, जब ग्रामीणों की जरूरतों, प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को कार्ययोजना में स्थान मिले। जनसंवाद के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं और अधिकारों की जानकारी देने के साथ उनकी आवाज को ग्राम विकास की कार्ययोजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब हमारे गांव सशक्त, आत्मनिर्भर और सुविधासंपन्न बनेंगे तथा प्रत्येक ग्रामीण विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगा।

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