
कुपोषण के खिलाफ धमतरी में तेज होगी मुहिम, आंगनबाड़ी के रिक्त पद भरने की कार्यवाही के निर्देश
धमतरी। कलेक्टर महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।कहा कि यह केवल विभागीय नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व का अभियान है, जिसमें प्रत्येक अधिकारी और मैदानी अमले की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, कुपोषण मुक्ति अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को 60 दिनों के भीतर सभी रिक्त पदों को भरने की नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए, ताकि बच्चों और माताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।बैठक में कलेक्टर ने जिले में वर्तमान में 587 गंभीर कुपोषित बच्चों की जानकारी पर कलेक्टर ने पर्यवेक्षकों को अपने-अपने सेक्टर के गंभीर कुपोषित बच्चों की नामवार सूची, अभिभावकों के संपर्क नंबर सहित तैयार रखने के निर्देश दिए।कहा कि प्रत्येक बच्चे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, पालकों से सतत संवाद स्थापित किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए,इसके लिए एनआरसी में भर्ती की प्रतीक्षा सूची तैयार रखने तथा प्रत्येक 15 दिन में नए पात्र बच्चों की भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए कलेक्टर ने प्रत्येक सेक्टर में कम से कम 50 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों में 10 प्रतिशत बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापकर नामवार सत्यापन करने के निर्देश दिए तथा सभी पर्यवेक्षकों को आगामी सप्ताह के गुरुवार तक सत्यापन रिपोर्ट जिला कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी बताया गया कि जिले के 103 आंगनबाड़ी केंद्र पूर्णतः कुपोषण मुक्त हो चुके हैं,कलेक्टर ने इसे विभागीय टीम के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताते हुए अन्य केंद्रों में भी इसी मॉडल को अपनाने के निर्देश दिए।जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि ‘सुपोषित धमतरी अभियान’ के तहत जिले के 102 आंगनबाड़ी केंद्रों के 787 कुपोषित बच्चों को जिला स्तरीय अधिकारियों ने गोद लिया है,इन बच्चों को नियमित रूप से फल, पौष्टिक आहार एवं आवश्यक पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है,जिसके परिणामस्वरूप केवल जून माह में 132 बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर आए, जो अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है।वहीं परियोजना अधिकारियों ने बताया कि टेक होम राशन (टीएचआर) की आपूर्ति बीज निगम द्वारा समय पर नहीं हो पा रही है,इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर नियमित एवं समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों को पोषण सामग्री वितरण प्रभावित न हो तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान मगरलोड परियोजना में लक्ष्य के अनुरूप कम पंजीयन पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की।कहा कि पात्र हितग्राहियों की पहचान कर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। वहीं महतारी वंदन योजना के 2932 हितग्राहियों की लंबित ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के लिए पर्यवेक्षकों को बुजुर्ग, पलायन कर चुके एवं बेड रेस्ट पर रहने वाले हितग्राहियों की पृथक जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने कहा गया।जनमन योजना के आंगनबाड़ी भवनों का कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया।


