
भाजपा सरकार के किसान विरोधी नीतियों से उत्पादन लागत में लगातार हो रहीं वृद्धि, उपज का नहीं मिल पा रही सही दाम – तारिणी चंद्राकर
धमतरी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा कि वर्तमान में किसानों को खेती के लिए खाद की सख्त जरूरत है,जबकि फार्मर आईडी और पीओएस मशीन जैसे नियमों की अनिवार्यता एवं खाद की कमी के कारण किसानो को सोसाइटियों से खाद नही मिल पा रहीं हैं,जिसका फायदा उठाकर निजी दुकानदार और बिचौलिए खादों की भारी कालाबाजारी कर रहे हैं। किसानों से डीएपी का तय सरकारी रेट 1350 के बजाय 2000 और यूरिया का 265 से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति बोरी वसूले जा रहे हैं,प्रशासन का इसमें किसी भी प्रकार से कोई लगाम नही हैं, जिसके कारण वह खुलेआम किसानों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। भाजपा सरकार की गलत किसान नीतियों नें धनहा धमतरी कहे जाने वाले जिले के किसानों को गंभीर संकट में डाल दिया है, किसान न केवल खाद संकट बल्कि राज्य में गहराए ईंधन (पेट्रोल-डीजल) के संकट से भी दो-चार हो रहे हैं. ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों के लिए डीजल ना मिल पाने से खेतों की तैयारी ठप पढ़ गई है, डीजल पेट्रोल की महंगाई बढ़ने से उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है. जबकि किसान अपनी उपज 1500 रुपए की न्यूनतम दर में बेचने को मजबूर हैं,भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण आज प्रदेश के किसानो की लगातार दुर्गति हो रही है,और किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।कहा है कि किसान प्रदेश का अन्नदाता है और उसका यह आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आगामी दिनों के भीतर कालाबाजारी पर पूर्ण अंकुश नहीं लगाया गया और निजी दुकानों पर एमआरपी पर खाद की बिक्री सुनिश्चित नहीं हुई, तो जिला कांग्रेस कमेटी किसानों के साथ मिलकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करेगी और उग्र चक्काजाम आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


