
धमतरी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित वाटरशेड विकास योजना आज अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।इसी के तहत वाटरशेड योजना के अंतर्गत आजीविका मद से प्राप्त सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से बेलौदी के किसान छबी लाल ने लगभग 1.5 एकड़ भूमि में सब्जी उत्पादन का सफल मॉडल विकसित किया है,उन्होंने अपने खेत में बरबट्टी, भिंडी, करेला, भाटा एवं डोड़का जैसी विभिन्न सब्जियों की उन्नत खेती शुरू की, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।पूर्व में सीमित संसाधनों और पारंपरिक खेती के कारण पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती थी तथा वर्षा पर निर्भर खेती होने से आर्थिक स्थिति भी चुनौतीपूर्ण बनी रहती थी। लेकिन वाटरशेड योजना के तहत आजीविका गतिविधियों, जल संरक्षण कार्यों, तकनीकी परामर्श तथा कृषि आधारित प्रोत्साहन से उनकी खेती को नई दिशा मिली तथा बहुफसली खेती अपनाने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई।आज छबी लाल न केवल अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं,जिससे खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और उनका जीवन स्तर पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है।


