
एग्रीस्टेक पंजीयन, चना खरीदी और पशुधन विकास पर दिया जोर
धमतरी। कलेक्टर कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं उद्यानिकी विभागों की योजनाओं पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की।कहा कि शासन की प्राथमिकता किसानों की आय में वृद्धि और योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है।हाल ही में संपन्न धान खरीदी एवं एग्रीस्टेक रकबा समर्पण कार्य की सराहना की।तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए मैदानी कर्मचारियों को अन्य राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजने के निर्देश दिए, ताकि उन्नत कृषि पद्धतियों को जिले में लागू किया जा सके।एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि आगामी योजनाओं का लाभ एग्रीस्टेक पंजीयन के आधार पर प्रदान किया जाएगा।अतः विभाग द्वारा शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।वहीं चना खरीदी की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि गत वर्ष आठ समितियों के माध्यम से चना खरीदी की गई थी। इस वर्ष किसानों की सुविधा हेतु सलोनी, संबलपुर एवं भुरसी में तीन नई समितियों का गठन किया गया है। कलेक्टर ने 50 हजार क्विंटल चना खरीदी का लक्ष्य निर्धारित करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।साथ ही दलहन-तिलहन फसलों में अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन कराने पर जोर दिया।बैठक में कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों को अनावश्यक रूप से अस्वीकृत न किया जाए।कृषकों से आवेदन प्राप्त करने हेतु शिविर आयोजित कर प्रेषित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा अगली बैठक में प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।साथ ही मुर्गी शेड की जानकारी लेते हुए कहा कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को बढ़ावा देने, जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्भरण के लिए ग्राम स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए।


