
संभाग स्तरीय स्पर्धाओं में 3500 खिलाड़ी दिखाएंगे अपना कौशल और दमखम, नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी करेंगे भागीदारी
रायपुर। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। यह कार्यक्रम जगदलपुर में 11 से 13 दिसम्बर तक किया जाएगा। ओलंपिक में जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के तीन हजार विजेता खिलाड़ी भाग लेंगे।करीब 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी स्पर्धाओं में हिस्सेदारी करेंगे। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निवास कार्यालय में हुई बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि विकास और खेल का संगम है। यह बस्तर के युवाओं के सशक्तीकरण और उनमें नेतृत्व के विकास की पहल है। राज्य सरकार बस्तर के युवाओं को खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना चाहती है।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन से जुड़े सभी विभागों और अधिकारियों को अपनी-अपनी भूमिका और कार्यों के अनुरूप दायित्वों का गंभीरता व सक्रियता से वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के युवाओं को खेलों से जोड़ने तथा उनकी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित करने स्थानीय लोगों के साथ ही ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खिलाड़ियों को संभाग स्तरीय आयोजन से जोड़ने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को पिछले विजेताओं और इस बार के विजेताओं को यूथ-आइकॉन बनाकर ज्यादा से ज्यादा गतिविधियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हों।तथा तिवारी ने बताया कि बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन के दौरान जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में फुटबॉल, व्हॉलीबॉल, कराटे, वेटलिफ्टिंग एवं बैडमिंटन स्पर्धाएं होगी।पंडरीपानी खेलो इंडिया सेंटर में हॉकी मैच होंगे।वहीं धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में कबड्डी, खो-खो, आर्चरी, एथलेटिक्स और रस्साकसी की प्रतियोगिताएं होंगी।


