

बच्चों के उज्जवल भविष्य निर्माण में आयुर्वेद का वरदान” थीम पर हुआ आयोजन
धमतरी। आयुष विभाग द्वारा बच्चों के उज्जवल भविष्य निर्माण में आयुर्वेद का वरदान” थीम पर विशेष स्वर्ण प्राशन संस्कार का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर में उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि महापौर ने एक बालिका को स्वर्ण प्राशन का सेवन कराकर शुभारंभ किया।इस अवसर पर जन्म से लेकर 16 वर्ष तक के लगभग 1000 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया। बच्चों ने गीत संगीत राष्ट्रीय गीत का प्रस्तुत किया।साथ अतिथियों और उपस्थित लोगों ने भी साथ दिया।रोहरा ने बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि स्वर्ण प्राशन एक प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति है,जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, बुद्धि एवं स्मरण शक्ति में सुधार, पाचन शक्ति के संतुलन तथा मानसिक व शारीरिक विकास में अत्यंत सहायक है। इन लाभों का एहसास बच्चों को बड़े होने पर होगा और यह समझ में आएगा कि आयुर्वेद कितनी प्रभावशाली चिकित्सा पद्धति है।रोहरा ने आयुष विभाग को बधाई देते हुए आगे भी जिले में ऐसे शिविर आयोजित करने हेतु 1 लाख रुपये की घोषणा की,ताकि अधिक से अधिक बच्चों को स्वास्थ्यवर्धक आयुर्वेदिक सेवाओं का लाभ मिल सके।इस अवसर पर डॉ.पचौरी ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्वर्ण प्राशन में शुद्ध स्वर्ण के साथ गोघृत, शहद, अश्वगंधा, ब्राह्मी, वचा, गिलोय और शंखपुष्पी जैसी औषधियों का उपयोग किया जाता है।यह पूर्णतः सुरक्षित है।


