सुर, संगम और समर्पण से सजी रजत महोत्सव की संध्या

तरूणा साहू की पंडवानी और राहुल बैंड, कत्थक, भरतनाट्यम, राउत नाचा की रूहानी महक

धमतरी। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में 3 नवम्बर की रात संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला।पंडवानी गायिका छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा को आगे बढ़ाते हुए तरूणा साहू ने अपने तानपुरे और अभिव्यक्तिपूर्ण मुद्राओं से महाभारत की द्रोपदी चीरहरण की गाथा को ताजा कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं राहुल बैंड की रंगारंग प्रस्तुति सहित स्वच्छता अभियान की ’’गाड़ीवाला आया घर से कचरा निकाल,सीताहरण नृत्य नाटिका, सूर्य नमस्कार,दुर्गा स्तुति,राउत नाचा, छत्तीसगढ़ संस्कृति आधारित सामुहिक नृत्य,नशा मुक्ति पर युगल नृत्य,लोकनृत्य कत्थक गायन आदि लोगों के दिलों में संगीत की हलचल मचा दी। दर्शकों की तालियों और नृत्य से पूरा प्रांगण गूंज उठा।

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