
शासन की योजनाएँ तेजी से बदल रहीं ग्रामीण जीवन की तस्वीर
धमतरी। जिले ने “हर घर जल-हर घर मुस्कान” के लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण अंचलों में जल जीवन मिशन के तहत तीव्र गति से नल जल योजनाओं का क्रियान्वयन किया है।अब तक 96% गांवों ने अपनी रिपोर्टिंग पूर्ण की है, जिनमें 72% को “हर घर जल” के रूप में प्रमाणित किया गया है। जिले के ’चारों ब्लॉको में योजनाओं का समान वितरण किया गया है। जिले के 1.55 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की सुविधा घर तक उपलब्ध हो चुकी है।
गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक निगरानी
जलापूर्ति की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिले में FTK प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएँ जल परीक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रही हैं।इसके अतिरिक्त, डीडब्ल्यूएसएम (District Water – Sanitation Mission) के माध्यम से जल योजनाओं की गुणवत्ता और समयसीमा की निगरानी नियमित रूप से की जा रही है। प्रमाणित गांवों में सार्वजनिक जल आपूर्ति प्रणालियाँ (PWSS) पूरी तरह कार्यशील हैं, जिनकी निगरानी रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम से की जाती है।समूह जल आपूर्ति योजनाओं से सामुदायिक सशक्तिकरण
सांकरा समूह और घटुला समूह जल आपूर्ति योजना जैसे प्रोजेक्ट्स से जोड़ा जा रहा है।ये योजनाएँ बड़े ग्रामीण समूहों के लिए स्थायी जल सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।जिला एच.जी.जे. प्रमाणन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता के लिए राज्यभर में मिसाल बन गया है।ग्राम सभा में प्रत्येक घर को जल कनेक्शन मिलने का अनुमोदन किया जाता है।वीडियो दस्तावेजीकरण एवं अपलोडिंगः समस्त प्रक्रिया का वीडियो आईएमआईएस पोर्टल पर अपलोड कर DWSM/SWSM से अनुमोदन प्राप्त किया जाता है।योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव के लिए लाभार्थियों को पंप ऑपरेटर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है,प्रशिक्षित ऑपरेटरों को Lovely Hood College से प्रमाणपत्र वितरित किए गए हैं। साथ ही, ₹2.00 लाख तक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि ये प्रशिक्षित ऑपरेटर स्व-रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।


