
धमतरी। प्रदेश का सबसे बड़ा पंडित रविशंकर जलाशय (गंगरेल) जिले में स्थित है। जलाशय की सुरक्षा और तकनीकी दृष्टि से सभी 14 गेटों की परीक्षण के लिए गेटों को पाँच मिनट के लिए खोला गया। परीक्षण उपरांत 12 गेट बंद कर दिए तथा शेष 2 गेटों से नियंत्रित रूप से पानी रुद्री बैराज की ओर छोड़ा जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया जलाशय की आपातकालीन स्थिति में तत्परता सुनिश्चित करने के लिए की जाती है। परीक्षण में संचालन की समूची तकनीकी जाँच की गई और सभी उपकरणों को सही पाया गया।समय-समय पर कार्यवाही आवश्यक है, ताकि बांध की सुरक्षा, जल प्रबंधन और निचले क्षेत्रों में पानी के वितरण की व्यवस्था सुचारू बनी रहे।गंगरेल न केवल सिंचाई और पेयजल की प्रमुख व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि बिजली उत्पादन और मत्स्य पालन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।


