

खेल-कूद, पोषण जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से बच्चों-महिलाओं की बढ़ी भागीदारी
धमतरी।सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के 498 आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। 25 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चल रहे अभियान में बच्चों, महिलाओं और समुदाय की सक्रिय सहभागिता से आंगनबाड़ी केंद्र खेल, सीखने और पोषण जागरूकता के जीवंत केंद्र बन रहे हैं।कार्यक्रमों में ‘मेरी पौष्टिक थाली’, पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, चित्रकला, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ महिलाओं के लिए रंगोली, मेहंदी, फुगड़ी, रस्साकशी, मटकी फोड़ और कुर्सी दौड़ जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। वहीं बच्चों की नृत्य प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हैं।
पोषण के साथ परंपरा और अपनत्व
कार्यक्रमों में संतुलित आहार, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूक किया जा रहा है एवं ‘न्योता भोज’ के माध्यम से बच्चों के साथ पौष्टिक भोजन साझा किया जा रहा है, वहीं ‘घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा’ अभियान के तहत मुनगा जैसे स्थानीय पोषक आहार को भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
6,500 से अधिक बच्चों की सहभागिता
अब तक आयोजित कार्यक्रमों में 2,171 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मितानिन, 6,543 बच्चे, 4,379 महिलाएं और 6,033 पुरुष शामिल हुए हैं। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के सीखने, खेलने और रचनात्मक गतिविधियों के लिए सकारात्मक वातावरण के साथ सामुदायिक सहभागिता भी बढ़ी है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौने दान करने की अपील
महिला एवं बाल विकास विभाग ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय से अपील की है कि वे घरों में उपलब्ध सुरक्षित एवं उपयोगी नए या पुराने खिलौने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्रों में दान करें। विभाग के अनुसार खेल और खिलौने बच्चों की जिज्ञासा, रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति तथा सामाजिक सहभागिता को विकसित करने में सहायक होते हैं।

