कृषि नवाचारों से समृद्ध होगा धमतरी

कलेक्टर के मार्गदर्शन में 40 कृषि अधिकारियों का दल अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना
इजरायली-जापानी तकनीकों और AI से बदलेगी खेती की तस्वीर: कलेक्टर श्री मिश्रा

धमतरी। जिले में कृषि के आधुनिकीकरण एवं किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से कलेक्टर के मार्गदर्शन में आज कृषि विभाग के 40 अधिकारियों का दल छह दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण भ्रमण हेतु महाराष्ट्र के लिए महापौर ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।यह दल महाराष्ट्र के बीड़ एवं बारामती क्षेत्रों का भ्रमण करेगा, जहां कृषि के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों, उन्नत तकनीकों तथा इजरायली एवं जापानी पद्धतियों पर आधारित आधुनिक खेती के मॉडल का अध्ययन किया जाएगा। विशेष रूप से बारामती में संचालित AI आधारित स्मार्ट फार्मिंग, जल प्रबंधन, फसल निगरानी एवं उत्पादकता वृद्धि के आधुनिक उपायों का प्रशिक्षण प्राप्त किया जाएगा।

कलेक्टर ने इस शैक्षणिक भ्रमण को जिले के कृषि क्षेत्र के लिए दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि आज का समय पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर तकनीक आधारित, वैज्ञानिक एवं बाजारोन्मुख कृषि को अपनाने का है।धमतरी पहले से ही कृषि की दृष्टि से समृद्ध रहा है, किंतु बदलते जलवायु परिदृश्य, संसाधनों की सीमितता एवं बढ़ती लागत को देखते हुए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीकों एवं उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाना अनिवार्य हो गया है।
जिले में भी AI आधारित खेती की दिशा में नवाचार प्रारंभ हो चुके हैं, जिनके माध्यम से फसलों की निगरानी, मौसम पूर्वानुमान, रोग पहचान एवं सिंचाई प्रबंधन को अधिक सटीक बनाया जा रहा है। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि लागत में कमी और गुणवत्ता में सुधार भी सुनिश्चित होगा।अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे महाराष्ट्र के बीड़ एवं बारामती जैसे क्षेत्रों में हो रहे सफल प्रयोगों का गहन अध्ययन कर उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप धमतरी में लागू करें।विशेष रूप से फसल चक्र परिवर्तन (Crop Rotation), बहु-फसली प्रणाली, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, माइक्रो इरिगेशन, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर तकनीकों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।कहा कि फसल चक्र अपनाने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है, कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होता है तथा किसानों की आय के स्रोतों में विविधता आती है।इसी प्रकार, इजरायली एवं जापानी तकनीकों पर आधारित सटीक खेती (Precision Farming) से कम संसाधनों में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

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