

मंदिर तक पहुंच मार्ग के निर्माण,शेड निर्माण सहित अन्य सभी जरूरी व्यवस्था पूरी होंगी : कलेक्टर श्री मिश्रा
इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने की दिशा में सतत कार्य किया जाएगा
धमतरी। मगरलोड विकासखंड पर स्थित ग्राम मोहेरा में घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच स्थित निरई माता का मंदिर वर्ष में केवल एक बार चैत्र नवरात्रि के प्रथम रविवार को कुछ घंटों के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोला जाता है।इस अवसर पर आयोजित “माता जात्रा” में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, यहां माता की कोई प्रतिमा स्थापित नहीं है, बल्कि श्रद्धालु प्राकृतिक रूप से निर्मित पत्थर की गुफा में निराकार रूप में माता की पूजा करते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है एवं मन्नत पूरी होने पर श्रद्धा अनुसार भेंट-प्रसाद अर्पित करते हैं।यहां प्रचलित मान्यताओं के अनुसार महिलाओं का मंदिर में प्रवेश एवं प्रसाद ग्रहण करना निषिद्ध है, जिसका श्रद्धालु पूर्ण आस्था के साथ पालन करते हैं।कलेक्टर ने इसी माह ग्राम मोहेरा पहुंचे थे।स्थानीय लोगों से चर्चा भी की थी एवं समस्याएं भी सुनी थी।जिस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया था कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग, पेयजल, स्वच्छता, अस्थायी शेड, चिकित्सा व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंध सुदृढ़ किए जाएं।कलेक्टर ने इस चैत्र नवरात्रि के अवसर पर निरई माता मंदिर पहुंचकर दर्शन किए तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।तथा मौके पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों से बातचीत कर समस्याएं सुनीं और आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।


