
धमतरी। जिले के ग्राम रीवागहन निवासी शशि देवी कंवर का जीवन संघर्ष से शुरू होकर आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायी मिसाल बन गया है।आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच जीवन यापन करने वाली शशि हिम्मत नहीं हारी और बेहतर भविष्य की तलाश जारी रखी।वह ग्राम रीवागहन में “बिहान” के अंतर्गत टीम की दीदियों ने ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जुड़कर सामूहिक बचत, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के बारे में जानकारी दी।इससे प्रेरित होकर शशि ने नव दुर्गा स्व-सहायता समूह से जुड़कर अध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।तथा नियमित रूप से साप्ताहिक बैठकों में भाग लिया, समूह में बचत को बढ़ावा दिया और मिशन के 11 सूत्रों का पालन करते हुए समूह संचालन में योगदान दिया और सक्रिय महिला के रूप में भी चयनित किया गया।परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया।एवं जिला पंचायत के सहयोग से बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में संचालित ई-रिक्शा प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त किया और प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से ऋण प्राप्त कर ई-रिक्शा खरीदा।आज ई-रिक्शा संचालन के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 800 से 1000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।अपनी मेहनत से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बनाई है।इस सफलता से प्रेरित होकर एक और ई-रिक्शा खरीदा, जिसे उनके पति संचालित करते हैं। इससे परिवार की आय में और अधिक वृद्धि हुई है और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।


